भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने नरसिंह यादव के खिलाफ कथित साजिश के मामले की सीबीआई से जांच
कराने की मांग की है। रियो ओलंपिक से ठीक पहले नरसिंह के खिलाफ उठा डोपिंग का विवाद रियो ओलंपिक में उनका अभियान शुरू होने के आखिरी घंटों तक
चला और खेल पंचाट (कैश) द्वारा चार साल के प्रतिबंध किए जाने के कारण वह रियो ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले सके।
डब्ल्यूएफआई की ओर से रविवार को जारी बयान में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, ‘मैं इस मामले में सीबीआई जांच की मांग करता हूं। ताकि भविष्य में फिर ऐसा न हो सके। मेरा मानना है कि वाडा द्वारा नाडा के फैसले के खिलाफ की गई अपील का समय संदेह के घेरे में है।’ बृजभूषण ने रियो में नरसिंह का मुकाबला शुरू होने से कुछ ही घंटे पहले सीएस द्वारा सुनवाई करने पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा,‘सीएस का नोटिस हमें ऐसे समय पर मिला कि नरसिंह सुनवाई के दौरान न तो अपने लिए वकील की व्यवस्था कर सकते थे और न ही हमारे पास इस भार वर्ग में स्थानापन्न खिलाड़ी को उतारने का मौका था।’
रियो ओलंपिक से ठीक पहले 25 जून को नरसिंह डोपिंग के दोषी पाए गए थे। और उनपर नाडा ने अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन साजिश का शिकार पाए जाने के बाद नाडा ने उन्हें रियो ओलंपिक के लिए क्लीन चिट दे दी थी।