जाधव के लिए संसद में भी उठ चुकी है आवाज
1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले केडी जाधव 2016 के रियो ओलंपिक तक इकलौते ऐसे व्यक्तिगत ओलंपिक पदक विजेता हैं, जिन्हें पद्म पुरस्कार नहीं मिला है। उन्होंने अपने जीवन के अंतिम दिन बेहद कष्ट में गुजारे बावजूद इसके उन्होंने किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया। अब उनके बेटे रंजीत जाधव पिछले कुछ वर्षों से पिता के लिए आवाज उठा रहे हैं, जिसमें महाराष्ट्र के सांसद उनका साथ दे रहे हैं। संसद में भी सांसद केडी जाधव को पद्म पुरस्कार दिए जाने की आवाज उठा चुके हैं, लेकिन बना कुछ नहीं। रंजीत और सांसदों ने इस बार भी हिम्मत नहीं हारते हुए केडी जाधव के लिए पद्म भूषण का आवेदन किया है।
64 के दिग्गज हरविंदर को भी नहीं मिला पद्म पुरस्कार
पंजाब सरकार इस बार क्रिकेटर हरभजन सिंह को पद्म भूषण और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता शूटर रोंजन सोढी को पद्म श्री दिलाने के लिए आगे आई है। राज्य सरकार ने दोनों का आवेदन गृह मंत्रालय को भेजा है। 1964 के टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण जीतने वाली हॉकी टीम के सदस्य हरविंदर सिंह को भी पद्म पुरस्कार नहीं मिला है। उन्होंने पद्म श्री के लिए आवेदन किया है।
देवेंद्र, दीपा भी पद्म भूषण की दौड़ में
एथेंस पैरालंपिक में स्वर्ण जीतने के बाद देवेंद्र झाझरिया को पद्म श्री दिया गया था। अब टोक्यो में पदक जीतने के बाद उन्होंने पद्म भूषण पर दावा जताया है। वहीं पैरा बैडमिंटन में प्रमोद भगत, सुहास एलवाई, कृष्णा नागर, मनोज सरकार जैसे पैरालंपिक पदक विजेताओं को कोचिंग देने वाले कोच गौरव खन्ना भी पद्म श्री की रेस में हैं। यही नहीं पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया की अध्यक्ष दीपा मलिक ने टोक्यो में पैरा एथलीटों की शानदार सफलता के बाद पद्म भूषण के लिए आवेदन किया है।