महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप का आगाज हो चुका है। भारतीय बॉक्सर शुक्रवार को अपने अभियान की शुरूआत करने जा रहे हैं। पूर्व वर्ल्ड चैंपियन एल सरिता देवी और नवोदित मनीषा मोन केडी जाधव इंडोर स्टेडियम में अपने अभियान की शुरूआत करेंगी। सच्चाई यह है कि भारतीयों के सामने शुरूआती मुकाबलों में ही मजबूत बॉक्सर पड़ गए हैं, लेकिन भारतीय टीम के कोच इसे अच्छा मान रहे हैं।
टीम के हेड कोच शिव सिंह का मानना है कि यह वल्र्ड चैंपियनशिप हैं। यहां सभी चुनींदा बॉक्सर आए हैं। आसान मुकाबलों की कल्पना नहीं की जा सकती है। वहीं कॉमनवेल्थ खेलों में देश का पहला बॉक्सिंग गोल्ड दिलाने वाले भारतीय टीम के कोच अली कमर का मानना है कि शुरूआती मुकाबलों में अगर कड़े बॉक्सर मिल जाएं तो अच्छा ही होता है।
अगर जीत मिलती है तो आगे का काम आसान हो जाता है। शरीर भी खुल जाता है और झिझक भी निकल जाती है। वहीं मैरी कॉम के कोच छोटे लाल यादव खुलासा करते हैं कि मैरी के हॉफ में अमेरिकी, रूसी, कजाखस्तान, कोरिया जैसे देशों के सभी बड़े बॉक्सर हैं। बावजूद इसके मैरी अच्छे प्रदर्शन को आश्वस्त हैं।
10 में से सात भारतीय बॉक्सरों को पहले दौर में बाई मिली है। बाई हासिल करने वाली 60 किलो में सरिता दूसरे दौर में स्विटजरलैंड की ब्रगर सेंड्रा से खेलेंगी। सेंड्रा ने पहले दौर में आज इंडोनेशिया की हुसवातून हसनाह को हराया। सेंड्रा 2008 से विश्व चैंपियनशिप में खेल रही हैं और अनुभवी बॉक्सर हैं। उन्हें कुछ वर्ष पूर्व इसी भार में भारतीय बॉक्सर प्रियंका को हराया है।
सरिता का कहना है कि उन्हें विरोधियों की चिंता नहीं है। उनके लिए यह वल्र्ड चैंपियनशिप बेहद खास है। 12 साल पहले दिल्ली में ही वह वल्र्ड चैंपियन बनी थीं। इस बार फिर उन्हें खिताब जीतने का भरोसा है। वहीं 54 किलो में मनीषा के सामने दूसरे दौर में पिछली वल्र्ड चैंपियनशिप में कांस्य जीतने वाली क्रिस्टीना क्रूज होंगी।
शिव सिंह का कहना है कि क्रूज काउंटर अटैक पर वार करती हैं। रणनीति यही रहेगी कि मनीषा उन्हें धोखे का वार करें और उन्हें हताश कर आक्रमण के लिए मजबूर करें। वहीं मनीषा का कहना है कि हाल ही में उन्होंने पोलैंड में जब वल्र्ड चैंपियन को हराया तब उन्हें यह नहीं मालूम था कि वह चैंपियन से खेल रही हैं। उन्हें अपने भार वर्ग में बहुत कम लोगों के ही नाम मालूम है। यही कारण है कि विरोधियों को लेकर परेशान नहीं हैं।