चुपचाप पहुंच जाते थे हरियाणा
सचिन को शुरुआत से ही कबड्डी खेलने का बहुत शौक था। वह छिपकर हरियाणा तक कबड्डी खेलने चले जाते थे। इस दौरान उन्हें जब चोट लग जाती तो वह घर में किसी को नहीं बताते थे। इस खेल के प्रति उनका इतना लगाव था कि एक बार सचिन 10वीं में फेल हो गए लेकिन उनका जुनून कम नहीं हुआ। वही सचिन आज देश के सबसे पांच महंगे खिलाड़ियों में शामिल हैं।
मामा से मिली प्रेरणा
सचिन अपने मामा से प्रेरित हैं। दरअसल, उनके मामा भी कबड्डी खिलाड़ी रह चुके हैं। बचपन में स्कूल में होने वाली प्रतियोगिताओं के अलावा गांव में होने वाले मेलों में सचिन ने दांव-पेंच लगाकर विपक्षी टीमों को खूब छकाया। इस दरम्यान सचिन कई बार स्कूल छोड़कर कबड्डी खेलने गए। इसके लिे वह हरियाणा तक छिपकर कबड्डी खेलने गए थे। उन्होंने अपने इस जुनून में कभी कमी नहीं आने दी। यह वजह है आज वह कबड्डी के स्टार खिलाड़ी हैं।
सातवें सीजन में गुजरात ने 78 लाख में खरीदा
सचिन का बड़ा भाई भी कबड्डी खिलाड़ी है वह भी राजस्थान पुलिस में हैं। सचिन जब दो वर्ष के थे तभी से वह अपने भाई के पास रह रहे थे। बड़े भाई ने उनको 15 साल तक अपने पास रखा। इसके बाद वह जयपुर चले गए। सीजन छह की नीलामी में गुजरात ने उन्हें 56 लाख रुपये में खरीदा। इसके बाद सातवें सत्र में भी गुजरात फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे लेकिन इस बार उनकी टीम ने उन्हें 78 लाख रुपये में खरीदा था। जबकि, सीजन 8 में सचिन पटना पाइरेट्स के लिए खेलेंगे।