पूर्व हैवीवेट मुक्केबाज 54 वर्षीय माइक टायसन 12 सितंबर को हमवतन अमेरिकी राय जोन्स जूनियर के साथ कैलिफोर्निया में होने वाले आठ राउंड के प्रदर्शनी मुकाबले में भिड़ने जा रहे हैं। आयरन माइक के नाम से मशहूर टायसन ने 1985 से 1989 तक 37 फाइट जीती हैं जिनमें 33 नॉकआउट हैं।
वर्ष 2002 से 2005 तक उन्हें अपने अंतिम चार मुकाबलों में से उन्हें तीन में हार का सामना करना पड़ा था। टायसन ने उसके बाद रिंग से दूरी बना ली थी। अंतिम फाइट उन्होंने 2005 में आयरलैंड के केविन मैक्ब्राइट के खिलाफ लड़ी थी जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। लॉकडाउन के दौरान वह सोशल मीडिया पर ट्रेनिंग करते नजर आए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए हैं, आयरन माइक वापस आ रहा है।
- 2005 : में अंतिम फाइट लड़ी थी टायसन ने जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
- 2018 : में अपनी पिछली फाइट में उतरे थे राय जोन्स जिसमें स्काटलैंड के सिगमोन को हराया था।
काट लिया था होलिफील्ड का कान
उनसे कई फाइट विवाद से जुड़ी रही हैं। 1990 में वह बस्टर डगलस के हाथों उन्हें उलटफेर भरी हार मिली थी। इसके अलावा 1997 में उन्होंने इवांडर होलिफील्ड का कान दांतों से काटा था।
पिछली 13 में से 12 फाइट जीती हैं जोन्स ने
उधर 51 साल के जोन्स को भी स्टार का दर्जा हासिल हैं। वह दो साल पहले पेशेवर मुक्केबाजी में सक्रिय रहे हैं। उनका कॅरिअर रिकॉर्ड 66-9 का रहा है। उनके नाम सुपर मिडिलवेट, मिडिलवेट, लाइट हेवीवेट और हेवीवेट के खिताब रहे हैं। उन्होंने अपनी पिछली 13 में से 12 फाइट जीती हैं। हालांकि जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ी है, उनके प्रतिद्वंद्वी हल्के होते चले गए हैं।
ये होंगे नियम : कोई भी मुक्केबाज हेडगियर नहीं पहनेगा, 12 ओंस के ग्लव्स ही पहने जाएंगे, जब तक कोई विजेता नहीं होगा जब तक नॉकआउट या तकनीकी नॉकआउट नहीं होगा।
पूर्व हैवीवेट चैंपियन एंथोनी जोशुआ ने कहा कि टायसन को अपने से युवा प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ रिंग में नहीं उतरना चाहिए। यह ऐसे है जैसे कोई पूर्व फुटबॉलर बाधा दौड़ में भाग ले। जॉर्ज फोरमैन ने कहा, 'इस उम्र में रिंग में उतरना खतरनाक है, लेकिन जब कोई मन बना लेता है तो किसी की नहीं सुनता।'