भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता ने सोमवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत के पारंपरिक खेल खो खो को जापान में 2026 में होने वाले एशियाई खेलों में जगह मिलेगी। खो खो दुनिया भर में 25 देशों में खेला जाता है ।
मेहता ने कहा, 'खो खो को एशियाई ओलंपिक परिषद ने जकार्ता में 2018 में हुए एशियाई खेलों के दौरान औपचारिक तौर पर मान्यता दी। उम्मीद है कि इसे 2026 खेलों तक पूर्ण दर्जा मिल जाएगा।'
अंतरराष्ट्रीय खोखो महासंघ के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने उम्मीद जताई कि 2022 एशियाई खेलों में खोखो को शामिल किया जाएगा। मेहता ने यह भी कहा कि भारतीय खोखो महासंघ दो चरण में पहली बार 'लेवल वन' का अंतरराष्ट्रीय कोचिंग शिविर आयोजित कर रहा है।
पहला चरण 23 फरवरी से 20 मार्च तक जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम पर चल रहा है जिसमें 16 देशों के 66 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं । 'अल्टीमेट खोखो लीग' के बारे में मेहता ने कहा कि यह 27 नवंबर से 20 दिसंबर तक दिल्ली, पुणे और हैदराबाद में खेली जाएगी जिसमें आठ टीमें भाग लेंगी।