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खेल मंत्रालय के बजट में भारी कटौती, 'खेलो इंडिया' पर वित्त मंत्रालय ने चलाई 220 करोड़ की कैंची

Thu, 15 Nov 2018 03:09 AM IST
हेमंत रस्तोगी, स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्लैगशिप योजना खेलो इंडिया के बजट पर वित्त मंत्रालय की एक्सपेंडीचर कमेटी ने भारी कटौती कर दी है। यही नहीं वित्त मंत्रालय ने रिवाइज्ड एस्टीमेट (आरई) में खेल और युवा मामलों के मंत्रालय के बजट में भी कैंची चला दी है। मुख्य बजट के दौरान खेल मंत्रालय का बजट 1575.15 करोड़ रुपये का रखा गया था जिसे अब घटाकर 1220.59 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

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खेल मंत्रालय और खेलो इंडिया के लिए यह बड़ा झटका है। यहा नहीं टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों को समर्पित नेशनल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फंड (एनएसडीएफ) के बजट में भी 72 करोड़ रुपये की कटौती की गई है। खेल मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से बजट में कटौती नहीं करने की भी गुजारिश की है। मंत्रालय को उम्मीद है कि बजट में कटौती जल्द वापस ले ली जाएगी।

खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने खेलो इंडिया और टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों के लिए मुहिम छेड़ रखी गई है। साल के अंत में पुणे में खेलो इंडिया खेलों के दूसरे संस्करण का आयोजन हो रहा है। मुख्य बजट में खेलो इंडिया के लिए 520.09 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए थे, लेकिन एक्सपेंडीचर कमेटी ने हवाला दिया है कि स्कीम पर बचे साल में इतनी रकम खर्च नहीं हो पाएगी। इसी को ध्यान में रख उन्होंने इस बजट में कटौती कर इसे 300.09 करोड़ कर दिया है।
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एनएसडीएफ बजट में भी कटौती

खेल मंत्रालय - फोटो : hindustan times
एनएसडीएफ के लिए मुख्य बजट में 342 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए थे। इसे भी घटाकर 269.94 करोड़ कर दिया गया है। एनएसडीएफ के ही बजट से राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों की तैयारियां कराई गईं। यहीं के बजट से टोक्यो ओलंपिक की तैयारियां कराई जानी हैं।

इन खेलों की तैयारियों के लिए गठित टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) एनएसडीएफ से ही फंड उठाती है। साई के बजट को भी घटाकर 429.56 करोड़ से 404.56 करोड़ कर दिया गया है।

एक्सपेंडीचर कमेटी ने खेल मंत्रालय के कुल बजट में 354.56 और युवा मामलों में 139.07 समेत कुल 493.63 करोड़ रुपये की कटौती की है। इस बारे में खेल मंत्रालय के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई लेकिन जवाब नहीं मिला।
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