बता दें कि इंटरनेशनल गेम्स की सेरेमनी में महिला एथलीटों का ड्रेस कोड हमेशा से ही एक अहम चर्चा का विषय रहा है। कई बार तो महिला एथलीटों ने खुद साड़ी के ऊपर जबरन ब्लेजर पहनाए जाने को लेकर शिकायतें दर्ज करवाई हैं। 2016 के रियो
ओलंपिक में भी महिला एथलीटों ने यही ईस्ट-वेस्ट कॉम्बिनेशन ड्रेस पहना था। इसमें महिला एथलीट पीले रंग की साड़ी के ऊपर नीले रंग का ब्लेजर पहनती हैं।
ओलंपिक एसोसिएशन के इस फैसले की प्रशंसा करते हुए महिला शूटर
हीना सिद्धू ने कहा, 'ब्लेजर और ट्राउजर वाकई में साड़ी से ज्यादा कम्फर्टेबल है। इसमें महिला खिलाड़ी पुरुषों की तरह ज्यादा राहत महसूस करेंगी। हालांकि अभी भी इसमें थोड़ी कमी है। ब्लेजर-ट्राउजर की जगह अगर ब्लेजर-स्कर्ट ड्रेस कोड होता तो शायद ज्यादा बेहतर होता।'