बीसीसीआई ज्यादातर तीन या उससे कम नामों की सिफारिश अवार्ड के लिए करता है, लेकिन इस बार उसने चार नाम भेज दिए और नामों की प्राथमिकता भी तय नहीं की। यही कारण है कि मंत्रालय उनसे एक नाम को हटाने के लिए कह रहा है, लेकिन हैरानी भरा मामला पंजाब सरकार का है। अवार्ड के आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल होती है, उसने लगभग दो माह बाद हरभजन का नाम खेल रत्न के लिए भेजा। अवार्ड के लिए मारामारी और पिछले कोर्ट केसों को देखते हुए मंत्रालय इस बार अतिरिक्त सावधानी रख रहा है। जिसका भी आवेदन अंतिम तिथि के बाद है उसे खारिज किया जा रहा है।
एएफआई ने पांच नामों में अंतिम नाम दुती का भेजा था। उनके राज्य उड़ीसा ने भी उनका नाम अर्जुन अवार्ड के लिए भेजा है, लेकिन उसने भी पंजाब सरकार की तरह अंतिम तिथि निकलने के बाद यह आवेदन किया है। खेल मंत्रालय को अधिकार है कि वह अवार्ड कमेटी के सामने उनके नाम की सिफारिश कर सकता है। दुती के अलावा एशियाई खेलों में 800 मीटर का गोल्ड जीतने वाले मंजीत सिंह का आवेदन भी पांच से अधिक नाम के चलते खारिज हुआ है। वहीं डबल्स टेनिस खिलाड़ी दिविज शरण ने अंतिम तिथि निकलने के बाद आवेदन किया, जिसके चलते उनका आवेदन भी खारिज किया गया है।