टोक्यो ओलंपिक खेलों के दौरान ये चर्चा फिर से शुरू हुई है कि क्या खेलों में नए रिकॉर्ड बनाने की मानवीय क्षमता चूक रही है। विशेषज्ञों ने ध्यान दिलाया है कि शारीरिक क्षमता में अधिक बढ़ोतरी की उम्मीद कम होने के साथ ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन के लिए अब टेक्नोलॉजी पर निर्भर हो गए हैं। अब टेक्नोलॉजी खेलों में अधिक बड़ी भूमिका निभा रही है। गौरतलब है कि ओलंपिक खेलों में शुरुआत से ही जोर विभिन्न प्रकार के खेलों में मानवीय क्षमता के बेहतर प्रदर्शन और नई उपलब्धियां हासिल करने पर रहा है। लेकिन अब विशेषज्ञों ने कहा है कि मानव क्षमता अपनी चरम सीमा पर पहुंचती लग रही है। चूंकि शारीरिक क्षमता को एक सीमा से ज्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता, इसीलिए टेक्नोलॉजी की मदद खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए ज्यादा अहम हो गई है।
खेलों में कहा जाता है कि रिकॉर्ड टूटने के लिए ही बनते हैं। टोक्यो ओलंपिक में भी कई रिकॉर्ड टूटे। इस बार खास कर ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं (एथलेटिक्स) और साइकिलिंग में ज्यादा नए रिकॉर्ड बने। खास कर 400 मीटर की दौड़ में बने रिकॉर्ड की खूब चर्चा रही। इस दौड़ में अमेरिका के एथलीट राय बेंजामिन ने पिछला रिकॉर्ड तोड़ा, इसके बावजूद वे स्वर्ण पदक नहीं जीत सके। ये पदक नॉर्वे के कर्स्टन वारहोल्म ने हासिल किया, जो बेंजामिन से भी तेज दौड़े। इसी तरह ट्रैक साइकिलिंग स्पर्धा में डेनमार्क ने क्वालीफाइंग राउंड के दौरान डेनमार्क की टीम ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इसके बावजूद फाइनल में इटली की टीम उससे आगे निकल गई, जिसने उससे भी बेहतर रिकॉर्ड कायम कर दिया।