रियो पैरालिंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट भारतीय एथलीट देवेंद्र झाझरिया ने घोषणा की है कि जकार्ता में चल रहे पैरा एशियन गेम्स के बाद वह संन्यास ले लेंगे। उन्होंने यह फैसला अपने कंधे की चोट के चलते किया है।
पद्मश्री, राजीव गांधी खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित जेवलिन थ्रोअर झाझरिया कंधे की चोट की वजह से पहले की तरह प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं, जिसको देखते हुए उन्होंने खेल से संन्यास लेने का फैसला किया है।
झाझरिया ने इस पर कहा कि वह अब 37 साल के हो रहे हैं और उनके कंधे में लगी चोट उन्हें काफी परेशान कर रही है। उन्होंने बताया कि वह अब अपने करियर की उस स्टेज पर पहुंच चुके हैं जहां उन्हें अपने शरीर पर ध्यान देने की जरूरत है। संन्यास लेने का उनके लिए यही सही समय है।
उन्होंने आगे कहा कि संन्यास लेने का ख्याल उनके मन में एक साल पहले भी आया था। रियो पैरागेम्स से ही वह इस दर्द को झेल रहे हैं इसलिए अब अपने शरीर पर इतना दबाव देने का कोई मतलब नहीं बनता। उन्होंने कहा कि वह संन्यास की घोषणा पहले ही कर सकते थे, लेकिन वह आखिरी बार जकार्ता पैरा गेम्स के लिए रुक गए।