उत्तर प्रदेश के उभरते हुए जेवेलिन थ्रोअर अमित कुमार फिनलैंड में डोप में फंस गए हैं। एथलीट इंटीग्रिटी यूनिट (एईयू) की ओर से जून माह में लिए गए अमित के सैंपल में एनाबॉलिक स्टेरायड टेस्टोस्टोरॉन पाया गया है। फेडरेशन कप में रजत और हाल ही में हुई इंटर स्टेट में कांस्य पदक जीतने वाले बड़ौत के अमित प्रतिबंधित शक्तिवर्धक मिलावटी सप्लीमेंट बेचने वाले माफियाओं का शिकार बने हैं। जिस सप्लीमेंट का फिनलैंड जाने से पहले उन्होंने सेवन किया उसमें टेस्टोस्टोरॉन मिला हुआ था।
इसकी जानकारी सीधी-साधारण भाषा में न देकर घुमाकर दी गई थी।
एईयू की ओर से पकड़ा गया मनप्रीत कौर और देवेंदर सिंह कंग के बाद यह पहला डोप का मामला है। अमित का कहना है कि उन्होंने जून में ट्रेनिंग के लिए फिनलैंड दौरे पर जाने से पहले यह सप्लीमेंट लिया था।
सप्लीमेंट में दी गई जानकारी में यह कहीं पता नहीं लग रहा था कि इसमें स्टेरॉयड मिला है। एईयू को दिए जवाब में भी उन्होंने यही बात कही है। उन्होंने सप्लीमेंट का फोटो भी भेजा है। फिलहाल वह बी सैंपल टेस्ट नहीं कराने जा रहे हैं, लेकिन अपने को बेगुनाह साबित करने के लिए वह पूरा संघर्ष करेंगे।
पांच जेवेलिन थ्रोअर तैयारी केलिए गए थे फिनलैंड
राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के लिए एथलेटिक फेडरेशन ऑफ इंडिया ने स्टार जेवेलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा समेत पांच एथलीटों को फिनलैंड भेजा था। यह तैयारियां कोच यू हॉन के संरक्षण में 20 जून तक कराई गईं। अमित भी इस दल में शामिल थे।
यहीं एईयू ने फिनलैंड की डोप एजेंसी को सभी पांचों भारतीय थ्रोअरों के सैंपल लेने को कहा। अमित ने इंटर स्टेट में 78.17 मीटर जेवेलिन फेंका था। इस मामले की सुनवाई एईयू की ओर से की जाएगी। एएफआई ने अमित पर अस्थाई प्रतिबंध लगाते हुए उन्हें एशियाई खेलों की तैयारियों को चल रहे कैंप से हटा दिया है।