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अमित धनखड़-मौसम खत्री बने राष्ट्रीय चैंपियन, दीपक पूनिया को कांस्य पदक

Sun, 02 Dec 2018 09:31 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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amit dhankar
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अनुभवी अमित धनखड़ ने रविवार को यहां संपन्न सीनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में 74 किग्रा वर्ग में खिताब जीता। पूर्व एशियाई और राष्ट्रमंडल चैंपियन धनखड़ ने अपने आक्रामक रुख और मजबूत डिफेंस के मिश्रित से पुरुष फ्रीस्टाइल स्पर्धा में सातवीं बार राष्ट्रीय खिताब जीता। एसएससीबी के विनोद के खिलाफ स्वर्ण पदक के मुकाबले में धनखड़ ने अपने बेहतरीन डिफेंस की बदौलत 5-1 से जीत दर्ज की।

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ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त की मौजूदगी के कारण धनखड़ का अंतरराष्ट्रीय करियर कभी पटरी पर नहीं आ सका जबकि अब भी वह ऐसे वर्ग में चुनौती पेश कर रहे हैं जिसमें ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार का दबदबा रहा है। सुशील ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया।

धनखड़ ने कहा कि उन्हें लगता है कि वह सुशील की जगह लेने को तैयार हैं। हरियाणा के 31 साल के धनखड़ ने कहा, 'मुझे अपने डिफेंस पर काफी भरोसा है। मैं फाइनल में इतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया। मैंने उसे कई बार हराया है लेकिन मैं आक्रमण नहीं कर पाया। हालांकि टूर्नामेंट में मैंने जैसा प्रदर्शन किया उससे मैं खुश हूं।'
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उन्होंने कहा, 'यहां आने से पहले सुशील भाई ने मेरा मार्गदर्शन किया। वह मेरे आदर्श हैं और उम्मीद करता हूं कि अगले साल विश्व चैंपियनशिप में वह मुझे मौका देंगे। मुझे लगता है कि मैं इसमें प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हूं।' जूनियर से सीनियर स्तर पर आ रहे युवा दीपक पूनिया से काफी उम्मीदें थी लेकिन वह 86 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में हार गए।

पूनिया को सेमीफाइनल में रेलवे के प्रवीण ने सिर्फ 38 सेकेंड में चित कर दिया। फाइनल में प्रवीण ने पवन कुमार को 5-2 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। प्रवीण ने अपनी लंबाई का पूरा फायदा उठाया। पवन ने दूसरे पीरियड में वापसी की कोशिश की लेकिन विरोधी को जीत दर्ज करने से नहीं रोक पाए। पूनिया ने इसके बाद प्ले आफ में हितेश पर 11-0 की एकतरफा जीत के साथ कांस्य पदक जीता।

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बजरंग पूनिया
उन्नीस साल के पूनिया ने कहा कि तोक्यो ओलंपिक क्वालीफिकेशन की दावेदारी पेश करने के लिए उनकी नजरें विश्व चैंपियनशिप में जगह बनाने पर टिकी हैं। पुरुष 74 किग्रा वर्ग में प्रवीण राणा और धनखड़ के अलावा जूनियर एशियाई चैंपियन सचिन राठी की दावेदारी है।

इस बीच 65 किग्रा वर्ग में भारतीय वायुसेना के हरफूल पूनिया ने हरियाणा के प्रवीण को 10-4 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। सीनियर स्तर पर यह हरफूल का दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने 2016 में भी खिताब जीता था।

उन्होंने कहा, 'मैं इस स्वर्ण पदक को जीतने को लेकर बेताब था। मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान लगाना चाहता हूं और नए सत्र में मेरा पहला लक्ष्य एशियाई चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करना है।' रेलवे के राहुल अवारे ने 61 किग्रा फाइनल में गोवा के अभिमन्यु यादव को हराकर खिताब जीता जबकि बेहद रोमांचक मुकाबले में हरियाणा के मौसम खत्री 97 किग्रा फाइनल में सत्यव्रत कादियान को हराकर चैंपियन बने।

कुल मिलाकर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में ऐसी कोई विशेष प्रतिभा देखने को नहीं मिली जो बजरंग पूनिया या सुशील जैसे खिलाड़ियों के करीब हो। रेलवे ने एक बार फिर 183 अंक के साथ टीम खिताब जीता। एसएससीबी की टीम 133 अंक के साथ दूसरे जबकि हरियाणा की टीम 123 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रही।
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