उन्नीस साल के पूनिया ने कहा कि तोक्यो ओलंपिक क्वालीफिकेशन की दावेदारी पेश करने के लिए उनकी नजरें विश्व चैंपियनशिप में जगह बनाने पर टिकी हैं। पुरुष 74 किग्रा वर्ग में प्रवीण राणा और धनखड़ के अलावा जूनियर एशियाई चैंपियन सचिन राठी की दावेदारी है।
इस बीच 65 किग्रा वर्ग में भारतीय वायुसेना के हरफूल पूनिया ने हरियाणा के प्रवीण को 10-4 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। सीनियर स्तर पर यह हरफूल का दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने 2016 में भी खिताब जीता था।
उन्होंने कहा, 'मैं इस स्वर्ण पदक को जीतने को लेकर बेताब था। मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान लगाना चाहता हूं और नए सत्र में मेरा पहला लक्ष्य एशियाई चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करना है।' रेलवे के राहुल अवारे ने 61 किग्रा फाइनल में गोवा के अभिमन्यु यादव को हराकर खिताब जीता जबकि बेहद रोमांचक मुकाबले में हरियाणा के मौसम खत्री 97 किग्रा फाइनल में सत्यव्रत कादियान को हराकर चैंपियन बने।
कुल मिलाकर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में ऐसी कोई विशेष प्रतिभा देखने को नहीं मिली जो बजरंग पूनिया या सुशील जैसे खिलाड़ियों के करीब हो। रेलवे ने एक बार फिर 183 अंक के साथ टीम खिताब जीता। एसएससीबी की टीम 133 अंक के साथ दूसरे जबकि हरियाणा की टीम 123 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रही।