घातक कोरोना वायरस महामारी के कारण खराब हालात ठीक होने के बाद भारत 2032 में होने वाले ओलंपिक खेलों समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी हासिल करने की कोशिश करेगा। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा कि ओलंपिक खेलों की मेजबानी की प्रक्रिया में भारत भी शामिल होगा।
राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के 10 साल बाद आईओए अध्यक्ष ने कहा कि उनके देश ने काफी कुछ सीखा है और हम 2026 के यूथ ओलंपिक खेल और 2032 के ओलंपिक की मेजबानी के लिए गंभीर हैं। 2032 ओलिंपिक के लिए डॉक्यूमेंटेशन शुरू किया गया था लेकिन काम अभी रुक गया है। अंतिम निर्णय 2025 तक हो सकता है।
2026 के आयोजन के लिए थाइलैंड, रूस और कोलंबिया से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। 2032 ओलंपिक की मेजबानी के लिए क्वींसलैंड (ऑस्ट्रेलिया), शंघाई और सियोल तथा प्योंगयांग के बीच भी प्रतिस्पर्धा हो सकती है। हालांकि महामारी ने सभी गतिविधियों को रोक दिया है।