संजय सिंह ने कहा, 'ये पूरी साजिश इसलिए भी रची गई क्योंकि ओलंपिक में चार-पांच कुश्ती के मेडल आने वाले थे। विरोध का असर उन मेडल पर भी पड़ा। ओलंपिक वर्ष में दो साल तक कुश्ती की कोई गतिविधि नहीं हुई, इसलिए हमें कम मेडल मिले। हमारे पहलवान अभ्यास नहीं कर पाए। अब इन लोगों का हमारे कुश्ती संघ पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।'
उन्होंने कहा, 'वे कांग्रेस में शामिल हो गए, तो इससे साबित होता है कि वे उस विरोध के पीछे थे। बृज भूषण शरण सिंह भाजपा से जुड़े थे, मैं किसी पार्टी या व्यक्ति से जुड़ा नहीं हूं, लेकिन उन्होंने मेरा भी विरोध किया। इसलिए यह पूरा विरोध राजनीति से प्रेरित था। उन्होंने विरोध शुरू किया और बृज भूषण शरण सिंह ने कुश्ती से खुद को अलग कर लिया। इसलिए यह मुद्दा वहीं खत्म हो जाना चाहिए था, लेकिन यह राजनीति से प्रेरित था और इसके पीछे कांग्रेस थी। साक्षी मलिक भी अलग नहीं हैं, वे भी उनके साथ हैं। हरियाणा के 99% खिलाड़ी हमारे साथ हैं।'