भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने मंगलवार को पेरिस ओलंपिक की शानदार शुरुआत की और क्वालिफिकेशन दौर में अपने पहले ही प्रयास में फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। नीरज ने इस मैच के बाद कहा कि उनके दिमाग में टोक्यो में किया गया प्रदर्शन नहीं चल रहा था और वह फाइनल के लिए अपनी तकनीक पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।
नीरज ने क्वालिफिकेशन में अपना इस सत्र का शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले ही प्रयास में 89.34 मीटर का थ्रो किया जो 84 मीटर के स्वत: क्वालिफिकेशन से काफी अधिक था। नीरज ने अपने स्वर्ण पदक के बचाव की बेहतरीन शुरुआत की है और उनसे फाइनल में भी इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद है। नीरज ने ग्रुप ए और बी दोनों में शीर्ष पर रहते हुए फाइनल में प्रवेश किया। गत ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज ने 87.58 मीटर के प्रयास के साथ टोक्यो ओलंपिक का स्वर्ण पदक जीता था।
'पेरिस में जो करने आया हूं वही करना है'
नीरज ने मैच के बाद आधिकारिक प्रसारणकर्ता से बातचीत में कहा, यह पहल हमेशा साथ में रहने वाला है। मुझे लगता है कि आने वाली पीढ़ी प्रेरित होगी और इससे बड़ी बात मेरे लिए कुछ नहीं है। उनको भरोसा होगा कि अगर नीरज कर सकता है तो हम भी कर सकते हैं क्योंकि मैं भी साधारण परिवार से आया हूं। पेरिस में जो करने आया हूं वो करूंगा।
'गत चैंपियन की बात दिमाग में नहीं'
नीरज से पूछा गया कि क्या उन पर गत ओलंपिक चैंपियन होने का दबाव है? इस इस स्टार भाला फेंक एथलीट ने कहा, पेरिस ओलंपिक में पिछले बार के स्वर्ण पदक विजेता एथलीट के तौर पर आना मेरे दिमाग में रहता है, लेकिन सच बताऊं तो मैच के दौरान यह सब मेरे दिमाग में नहीं था। मैं बस यही सोच रहा था कि जो करने आया हूं, बस वही करना है। फाइनल में भी इसी माइंडसेट के साथ उतरूंगा क्योंकि इसे सोचने से खुद को शांत रख पाना मुश्किल होता है। मैं कोशिश करूंगा कि जितना ज्यादा अपने प्रदर्शन और तकनीक पर ध्यान दूं उतना ही अच्छा रहेगा। हां, गत विजेता होना मेरे लिए अच्छी प्रेरणा है, लेकिन यहां मुझे बस फाइनल के लिए तैयार होकर आना है। दिमाग में बस यही रहेगा कि जो टोक्यो में प्रदर्शन किया था वो कहीं नहीं जाने वाला है, लेकिन अब पेरिस में जो करने आए हैं वो काम अच्छी तरह से करें।