कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में तैनात स्पोर्ट्स अफसर भी अब मैदान में अपना हुनर दिखाएंगे। सप्ताह में तीन दिन उन्हें खिलाड़ियों के बीच समय बिताना होगा और अपने अनुभव साझा करने होंगे। खिलाड़ियों के आत्मविश्वास में वृद्धि के मद्देनजर खेल मंत्री के व्यक्तिगत सुझाव के बाद यह निर्णय लिया है।
पिछले दिनों खेल विभाग की बैठक में स्थाई और अंशकालिक कोचों के प्रशिक्षण का मुद्दा उठा। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री चेतन चौहान भी इस बैठक में मौजूद रहे। काफी देर चली चर्चा के बाद उन्होंने सुझाव दिया कि अगर अंशकालिक कोच के अलावा स्पोर्ट्स अफसर भी कुछ समय खिलाड़ियों के बीच मैदान में बिताये तो इसके सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। खेल मंत्री के इस प्रस्ताव को सभी ने सराहा और तभी इस व्यवस्था को लागू करने का ऐलान हो गया।
सप्ताह में तीन दिन रहेंगे खिलाड़ियों के बीच
नई व्यवस्था के बाद स्पोर्ट्स अफसरों को सप्ताह में तीन दिन खिलाड़ियों के बीच रहना होगा। केवल यही नहीं वह खिलाड़ियों के साथ पसीना भी बहाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को दूर करना, खिलाड़ियों को टिप्स देना और शारीरिक ही नहीं मानसिक तौर पर भी खिलाड़ियों को मजबूत बनाना उनका मुख्य दायित्व होगा।क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि यह व्यवस्था भी खेलों के लिहाज से कारगर साबित होगी।