रितु फोगाट ने बताया कि वह एमएमए वन-चैंपियनशिप के लिए तैयारियां कर रही है। इसके लिए उन्होंने इवोल्व एमएमए ऑर्गेनाइजेशन के साथ समझौता किया है। रितु ने बताया कि पिछले 15 सालों में ही एमएमए की तरफ कई देशों के खिलाड़ियों का रुझान बढ़ा है, लेकिन भारत बहुत पीछे है। देश को पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप बेल्ट दिलाने के लिए दो माह पहले ही यह फैसला लिया था। पिता महावीर और परिजनों के सामने इच्छा जाहिर की तो उन्होंने समर्थन किया। वहीं, रितु का कहना है जब तक ट्रेनिंग चलेगी, वह कुश्ती से दूरी बनाए रखेंगी।
कई खेलों का मिश्रण है एमएमए
रितु के अनुसार एमएमए कई खेलों का मिश्रण में है। इसमें कुश्ती, वुशु, किक बॉक्सिंग, मार्शल आर्ट सहित अन्य खेलों की तकनीक काम आती है। इन खेलों की तकनीकों में महारत हासिल करने के लिए वह इवोल्व ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ी हैं। इस ऑर्गेनाइजेशन ने कई वर्ल्ड चैंपियन तैयार किए हैं।
बेटी का फैसला है, मैं साथ हूं : महावीर
रितु का रुझान एमएमए में काफी समय से था। अब उन्होंने देश को एमएमए वर्ल्ड चैंपियन बनाने का फैसला लिया है। रितु ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बेटी के इस फैसले में मैं उसके साथ हूं। मुझे उम्मीद है कि रितु देश को एमएमए चैंपियनशिप बेल्ट दिलाने का सपना जल्द पूरा करेगी।