फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीवी सिंधु सेमीफाइनल में हारीं, भारत को कांस्य

Sun, 11 Aug 2013 02:27 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में रजत या स्वर्ण पदक तक पहुंचने का भारत का ख्वाब शनिवार को बिखर गया।
विज्ञापन


शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रचने वाली पी वी सिंधू सेमीफाइनल मुकाबले की बाधा पार नहीं कर सकीं।

थाइलैंड की रैटनेचॉक इंटेनॉन ने उन्हें सीधे सेट 10-21, 13-21 से हराया। हालांकि, इसके बावजूद सिंधू ने अपना नाम स्वर्ण अक्षरों से लिख दिया है। उनकी वजह से भारत को 30 साल बाद इस चैंपियनशिप में कोई पदक मिला है।

1983 में प्रकाश पादुकोण ने इस टूर्नामेंट में कांस्य पदक हासिल किया था।

इससे पहले विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में जो कारनामा अब तक साइना नेहवाल नहीं कर पाई थीं। पहली बार इस टूर्नामेंट में तीन भारतीय क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में कामयाब रहे थे। सिंधू के अलावा नेहवाल और पी कश्यप भी अंतिम आठ में पहुंचे थे लेकिन दोनों इससे आगे नहीं जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


18 साल की सिंधू पहली बार इस चैंपियनशिप में खेलने उतरीं और उन्होंने सेमीफाइनल में पहुंचने का इतिहास बना डाला था। उन्होंने सातवीं सीड चीन की शिजियान वांग को लगातार गेमों में 21-18, 21-17 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

सिंधू सिंगल्स वर्ग में 1983 के बाद कांस्य पक्का करने वाली पहली भारतीय हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें