भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने कोषाध्यक्ष सहदेव यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उषा ने यह कदम यादव के चुनाव से राष्ट्रीय खेल संहिता के उल्लंघन की शिकायत के बाद उठाया है। उषा ने 10 तारीख को लिखे पत्र में यादव को 24 सितंबर तक जवाब देने को कहा है। पत्र की एक प्रति केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के एनओसी (राष्ट्रीय ओलंपिक समिति) संबंध विभाग के सहायक निदेशक जेरोमी पोइवी को भी भेजी गई है।
यादव को पत्र में उषा ने लिखा, मैं आपका ध्यान उस औपचारिक शिकायत की ओर आकर्षित करने के लिए आपको पत्र लिख रही हूं जो पिछले चुनाव में कोषाध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने की आपकी पात्रता से जुड़ी है और हाल में भारतीय ओलंपिक संघ को मिली है। शिकायतकर्ता ने उच्च न्यायालय के एक फैसले का हवाला दिया है, जो शिकायतकर्ता के अनुसार चुनाव लड़ने की आपकी पात्रता के बारे में चिंता पैदा करता है।
क्या है मामला?
दरअसल, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यादव और कुछ अन्य अधिकारी अपने पदों पर बने हुए हैं जो खेल संहिता के तहत आयु और कार्यकाल की सीमा संबंधी नियमों का उल्लंघन है। खेल संहिता के तहत विभिन्न पद पर लगातार 12 साल रहने के बाद पद छोड़ना पड़ता है। यादव इससे पहले भारतीय भारोत्तोलन महासंघ के सचिव थे और 15 साल तक उसके साथ जुड़े रहे। शिकायतकर्ता ने भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के उपाध्यक्ष अजय पटेल, भारतीय वुशु महासंघ के भूपिंदर सिंह बाजवा और भारतीय नौकायन महासंघ की अध्यक्ष राजलक्ष्मी सिंह देव सहित आईओए के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी खेल संहिता का पालन नहीं करने पर इसी तरह की चिंता जताई है।
आईओए की कार्यकारी समिति से हटाने की मांग
आईओए ने शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी है। शिकायकर्ता ने इन लोगों को तुरंत आईओए की कार्यकारी समिति से हटाने की मांग की है। इसके बाद आईओए में चल रही खींचतान और तेज हो गई है।