भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 12 साल के लंबे अंतराल के बाद एशियन गेम्स के फाइनल में जगह बना ली है। सेमीफाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला मेजबान दक्षिण कोरिया से था। यह मुकाबला सियोनहाक हॉकी स्टेडियम में खेला गया जहां मेजबान टीम के साथ घरेलू दर्शकों का जबरदस्त समर्थन भी था। इसके बावजूद भारतीय टीम ने दक्षिण कोरिया को उसी के घर में 1-0 से मात देकर रजत पदक पक्का किया। भारत के लिए विजयी गोल आकाशदीप ने मैच के 44वें मिनट में दागा। भारत की एशियन गेम्स में दक्षिण कोरिया के खिलाफ 14 मैचों में यह आठवीं जीत है।
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भारत ने इससे पहले 2002 बुसान एशियन गेम्स में फाइनल तक का सफर तय किया था। अब फाइनल में भारत की भिड़ंत चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगी। पाकिस्तान ने एक अन्य सेमीफाइनल में मलयेशिया को पेनाल्टी शूटआउट में शिकस्त दी। पाक टीम लीग मैच में भारत को भी 2-1 से शिकस्त दे चुकी है। फाइनल जीतने वाली टीम को 2016 रियो ओलंपिक में सीधे सीट मिल जाएगी।
इस मैच में भारतीय टीम को भले ही 1-0 से जीत हासिल हुई हो लेकिन उसने पूरे 60 मिनट मेजबानों पर दबाव बनाए रखा। पूरे मैच में कोरियाई टीम भारतीय डिफेंस को तोड़ने की कोशिश करती रही लेकिन अंत: तक वो अपने इरादों में कामयाब नहीं हो सकी। कोरियाई टीम को पूरे मैच में गोल करने का एक भी अच्छा मौका नहीं मिला। वहीं भारतीय टीम ने पूरे मैच में कोरियाई गोलपोस्ट पर कई ताबड़तोड़ हमले किए। भारतीय टीम को आधे समय तक दो गोल से आगे होना चाहिए था लेकिन धरमवीर सिंह मौकों को भुनाने में विफल रहे। दो क्वार्टर तक दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकी। आखिरकार तीसरे गोल में भारतीय टीम खाता खोलने में सफल रही। धरमवीर ने स्ट्राइकिंग सर्कल से बॉल अपने कब्जे में लेते हुए शानदार हिट लगाते हुए निर्णायक गोल दागने में कामयाबी हासिल की। भारतीय टीम ने अंत तक इस बढ़त को बनाए रखा।
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हॉकी और मुक्केबाजी में गोल्ड से एक जीत दूर
इंचियोन में एशियाई खेलों के 11वें दिन भी भारत के पास कई स्वर्ण पदक जीतने का मौका है। ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने एशियाड के फाइनल में पहुंचकर भारत को स्वर्ण पदक की उम्मीद जगा दी है। हॉकी से भी अच्छी खबर है, भारत ने कोरिया को हराकर 12 साल बाद पहली बार फाइनल में अपनी जगह पक्की की है।
दूसरी ओर, एथलेटिक्स में अश्विनी अकुंजी ने 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। इसके अलावा डिस्क्स थ्रोअर विकास गौड़ा ने डिस्क्स थ्रो में देश को रजत पदक दिलाया।
इसके अलावा कबड्डी में भारत ने पुरुष और महिला वर्ग दोनों में जीत से शुरुआत की है। खास बात यह है कि भारत की पुरुष टीम ने पाकिस्तान को कबड्डी में हराकर जीत से आगाज किया।
फाइनल में पहुंची मैरीकॉम, सरीता देवी हारी
देश की सबसे सफल महिला मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने अपनी ख्याति के अनुरूप खेल दिखाया और देश के खाते में एक और स्वर्ण पदक डालने की उम्मीद जगा दी है। महिला मुक्केबाजी में फ्लाईवेट (48-51 किग्रा) में मैरीकॉम ने शानदार खेल दिखाते हुए फाइनल में जगह बना ली है। स्वर्ण पदक के लिए उनसे उम्मीदें बढ़ गई है।
सेमीफाइनल में एक अन्य मुक्केबाज लेशराम सरिता देवी लाइटवेट (57-60 किग्रा) को अंपायरों के गलत फैसले के कारण हार का सामना करना पड़ा है। इस हार के साथ ही उन्हें कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ेगा। मुकाबला खत्म होने तक वह जीत रही थी लेकिन निर्णायकों के गलत फैसले ने उन्हें हरा दिया। हार के बाद वह रिंग में ही रो पड़ीं। सरिता के अलावा पूजा रानी (75 किग्रा) ने भी देश के लिए कांस्य पदक जीता है।
पुरुष वर्ग में स्वर्ण पदक के दावेदार लेशराम देवेद्रों सिंह (46-49 किग्रा) क्वार्टर फाइनल में हार गए। लेकिन सतीश कुमार ने 91 किग्रा हैविवेट वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने गजब की फुर्ती दिखाते हुए जॉर्डन के पहलवान को मात दिया। इससे पहले शिवा थापा (56 किग्रा) की भी चुनौती क्वार्टर फाइनल में थम गई।
कबड्डी में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को हराया
एशियाई खेलों में भारत ने कबड्डी स्पर्धा में शानदार शुरुआत की है। ग्रुप-ए के प्रारंभिक मुकाबले में भारत ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हरा दिया है। इस तरह से भारत हॉकी में पाकिस्तान के हाथों मिले हार को कबड्डी में बदला ले लिया है। ये दोनों खेल भारत-पाकिस्तान में काफी खेला जाता है।
1990 से एशियाई खेलों में शामिल किए जाने के बाद भारत ने सभी छह एशियाड में स्वर्ण पदक जीते हैं। पिछली बार भारत ने कबड्डी में 2 स्वर्ण पदक अपने नाम किए। 2010 में ग्वांझू में पहली बार महिलओं की कबड्डी स्पर्धा को शामिल किया गया था।
इससे पहले भारत की महिला टीम ने मेजबान कोरिया को 45-26 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया।
सेलिंग में भारतीय लड़कियों को कांस्य
वर्षा गौतम और ऐश्वर्या नेदुनचेजियेन ने महिलाओं की डबल डिंघे सेलिंग स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। इस मैच में वर्षा कप्तान और ऐश्वर्या क्रू की भूमिका में थी और उन्होंने कुल 25 अंक हासिल किए। वहीं महिलाओं की सिंगल डिंघे स्पर्धा में नेथरा कुमानन आठ प्रतियोगियों में सातवें स्थान पर रहीं।
इससे पहले मुक्केबाजी में भारत के लिए सोमवार का दिन निराशाजनक रहा और तीन मुक्केबाज प्री-क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गए। हालांकि इस बीच विकास कृष्णन ने 75 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। दिन के पहले मुकाबले में विकास ने र्किरगिस्तान के क्नेबेक उल अजामात को आसानी से 3-0 से हराया। विकास अब क्वार्टर फाइनल में उजबेकिस्तान के नोरमातोव हरशिडबेक से भिड़ेंगे।
अन्य भारतीय मुक्केबाज मनदीप जागरा 69 किग्रा वर्ग में थाइलैंड के साएनसिट एपिचेट से 0-3 से हार गए। वहीं गौरव बिधूड़ी को 52 किग्रा वर्ग में उजबेकिस्तान के जोइरोब शाखाओबिडिन ने 3-0 से शिकस्त दे दी। इसके बाद 81 किग्रा वर्ग में कुलदीप सिंह को ईरान के रोउजबाहेनी एहसान ने 3-0 से हराकर बाहर कर दिया।
फ्रीस्टाइल कुश्ती में भारत के शानदार प्रदर्शन के बाद ग्रीको-रोमन पहलवानों ने निराश किया। भारत के तीन पहलवान पोडियम फिनिश करने में नाकाम रहे। कृष्णकांत यादव के पास तीसरे स्थान पर रहने का बेहतरीन मौका था लेकिन वह ईरान के सैयद अबदवाली से 71 किलो ग्रीको-रोमन कुश्ती में कांस्य पदक के लिए प्लेऑफ मुकाबला 0-3 से हार गए।
इससे पहले अन्य दो भारतीय रविंदर सिंह और हरप्रीत सिंह को भी हार का सामना करना पड़ा। रविंदर को 59 किलो वर्ग में कजाखस्तान के अल्मात केबिस्पायेव ने 0-3 से हराया जबकि हरप्रीत को 80 किलो वर्ग में उजबेकिस्तान के सलदादजे बेसिकि से 1-3 से शिकस्त मिली।
स्कीट में कांस्य से चूके माइराज माइराज अहमद खान 17 एशियन गेम्स की पुरुष स्कीट स्पर्धा में कांस्य पदक से चूक गए। वह सेमीफाइनल मुकाबले में पांचवें स्थान पर रहे। वहीं, भारत 338 के स्कोर से पुरुष टीम फाइनल में सातवें स्थान पर रहा। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक चीन ने जीता जबकि कुवैत को रजत पदक और दक्षिण कोरिया को कांस्य पदक मिला। टीम इवेंट में माइराज ने 119, परमपाल सिंह गुरौन ने 110 जबकि आरोजेपाल संधू ने 109 का स्कोर किया।