इस्तांबुल में चल रहे आईबीए विमेंस वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय महिला मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। छह महिला मुक्केबाज अब तक प्री-क्वार्टरफाइनल में जगह बना चुके हैं। इसमें निखत जरीन (52 किग्रा), परवीन (63 किग्रा, मनीषा (57 किग्रा) के बाद अनामिका (50 किग्रा), शिक्षा (54 किग्रा) और जैस्मिन (60 किग्रा) शामिल हैं। इन सभी महिला मुक्केबाजों ने विमेंस वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के 12वें संस्करण में अपनी स्किल और अनुभव का बेहतरीन इस्तेमाल किया।
शिक्षा ने अर्जेंटीना की हरेरा मिलग्रोस रोसारियो के खिलाफ कौशल का प्रदर्शन किया और बिना पसीना बहाए सर्वसम्मत निर्णय से जीत हासिल की। शिक्षा का अगला मुकाबला रविवार को प्री-क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया के ओयुंटसेटसेग येसुगेन से होगा। वहीं, भिवानी की रहने वाली जैस्मिन को थाईलैंड की दो बार की यूथ एशियन चैंपियन पोर्नटिप बुआपा से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।
भारतीय मुक्केबाज ने पहले दौर में अपने प्रतिद्वंद्वी की रणनीति का आकलन करने के लिए कुछ समय लिया और अंतिम दो राउंड में जोरदार वापसी करते हुए 4-1 के अंतर से जीत हासिल की। जैस्मिन राउंड ऑफ -16 में रविवार को ऑस्ट्रेलिया की एंजेला हैरिस के खिलाफ भिड़ेंगी। अनामिका ने रोमानिया की यूजेनिया एंजेल को एकतरफा अंदाज में 5-0 से हराया।
बाउट की शुरुआत काफी आक्रामक हुई। दोनों मुक्केबाजों ने एक दूसरे पर लगातार हमला किया, लेकिन अनामिका ने तेज फुटवर्क और मूवमेंट से जीत हासिल की। अनामिका का अगला मुकाबला रविवार को वर्ल्ड चैंपियनशिप की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट ऑस्ट्रेलिया की क्रिस्टी ली हैरिस से होगा। यह टूर्नामेंट 20 मई तक खेला जाएगा।
पूजा रानी और लवलीना बोरगोहेन का मुकाबला आज
दो बार की एशियाई चैंपियन पूजा रानी (81 किग्रा) और टोक्यो ओलिंपिक की कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन (70 किग्रा) शुक्रवार को अपने-अपने अंतिम-16 दौर के मुकाबले खेलेंगी। पूजा हंगरी की तिमिया नेगी से, जबकि लवलीना फेयर चांस टीम की सिंडी नगाम्बा से भिड़ेंगी। लवलीना ने सोमवार को पहले दौर के मुकाबले में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन चेन निएन-चिन को हराया था।
310 मुक्केबाज ले रहे हैं हिस्सा
आईबीए विमेंस वर्ल्ड बॉक्सिंग टूर्नामेंट में इस साल दुनिया भर के 73 देशों के 310 मुक्केबाज हिस्सा ले रहे हैं। 2019 में पिछली बार रूस में हुए चैंपियनशिप में भारत ने एक रजत पदक और तीन कांस्य पदक जीता था। चैंपियनशिप के 11वें सीजन तक भारत ने नौ स्वर्ण, आठ रजत और 19 कांस्य पदक समेत 36 पदक जीते थे। रूस औार चीन के बाद भारत मेडल जीतने में तीसरे स्थान पर है।