एफआईएच ने अपने बयान में कहा- हरमनप्रीत सिंह मौजूदा समय के हॉकी सुपरस्टार हैं। वह विपक्षी टीमों को छकाने और उनके खिलाफ सही समय पर मौजूद रहकर गोल दागने में माहिर हैं। उनके पास शानदार ड्रिब्लिंग स्किल्स है। वह टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा गोल करने की कोशिश करते हैं। वह अपनी इस क्षमता में लगातार सुधार ही करते जा रहे हैं। इसलिए उन्हें अब दूसरे साल FIH प्लेयर ऑफ द ईयर अवॉर्ड के लिए चुना गया है।
हरमनप्रीत को वोटिंग में 29.4 अंक मिले। दूसरे नंबर पर 23.6 अंकों के साथ थिएरी ब्रिंकमैन और तीसरे नंबर पर 23.4 अंकों के साथ टॉम बून रहे। भारतीय हॉकी टीम के उपकप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 2021-22 सीजन में एफआईएच प्रो लीग में 16 मैचों में 18 गोल दागे थे। इसमें दो हैट्रिक शामिल है। इसके साथ ही वह सीजन में भारत के टॉप स्कोरर भी रहे। साथ ही वह प्रो लीग के एक सीजन में सबसे ज्यादा गोल दागने वाले खिलाड़ी भी बन गए।
हरमनप्रीत पिछले साल ढाका में हुए एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भी शानदार फॉर्म में थे। उन्होंने तब छह मैचों में आठ गोल दागे थे। भारतीय टीम टॉप पर रही थी और हरमनप्रीत ने सभी मैचों में गोल दागे थे। इस साल बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भी हरमनप्रीत का रिकॉर्ड शानदार रहा था, जिसकी वजह से टीम इंडिया रजत पदक जीत सकी थी।
वहीं, महिलाओं में नीदरलैंड की फेलिस एल्बर्स को एफआईएच प्लेयर ऑफ द ईयर अवॉर्ड से नवाजा गया। 22 साल की फेलिस 1999 के बाद से यह अवॉर्ड जीतने वाली हॉकी की सबसे युवा महिला खिलाड़ी बन गई हैं। फेलिस से आगे बस नताशा केलर हैं। उन्होंने 1999 में यह उपलब्धि हासिल की थी। महिलाओं को यह सम्मान 1998 से दिया जा रहा है।
फेलिस को 29.1 प्वाइंट मिले। वहीं, दूसरे नंबर पर 26.9 अंकों के साथ मारिया ग्रेनेटो रहीं। ऑगस्टीना गोरजेलेनी 16.4 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। फेलिस ने 2019 में नीदरलैंड के लिए डेब्यू किया था। जूनियर लेवल पर उनके शानदार प्रदर्शन का उन्हें इनाम मिला था। वह मिडफील्ड से अटैकिंग पोजिशन पर स्विच करने में माहिर हैं। सीनियर नेशनल टीम के लिए डेब्यू करने के बाद से उन्होंने 32 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 16 गोल दागे हैं।