भारत की मजबूत माने जाने वाली मध्य पंक्ति स्पेन के खिलाफ मैच में उखड़ी-उखड़ी दिखी। कप्तान सरदार सिंह अपने रंग में नहीं दिखे। वह दूसरे हाफ में ही कुछ रंग में आए।
सरदार के रंग में न होने के कारण धर्मवीर सिंह और चिंगलेनसाना पहले हाफ में अकेले पड़ गए। भारत ने सरदार की जगह जसजीत सिंह कुलार को बीच-बीच में बदलू खिलाड़ी की जगह आजमाया। यंग स्ट्राइकर मंदीप सिंह, आकाशदीप और एसवी सुनील को रंगत पाने में वक्त लगा।
भारतीय हॉकी टीम ने इसके बावजूद स्पेन के खिलाफ पुरुष हॉकी विश्व कप में गुरवार को एक-एक से ड्रॉ खेल कर आखिरकार पहला अंक हासिल किया। साथ ही भारत की हार का सिलसिला भी आखिर रुक गया।
आठवीं वरीय भारत ने दूसरे हाफ में बेहतर खेल दिखाया। दूसरे हाफ में सरदार भी कुछ रंग में दिखे। खासतौर पर सरदार के प्रयास पर भारत को दूसरे हाफ में दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन 10वीं रैंकिंग स्पेन की टीम के गोलकीपर कोर्टेज ने अच्छा पूर्वानुमान लगाकर इन्हें रोक कर भारत की जीत की हसरत पूरी नहीं होने दी।
इस मैच में रेफरल का खूब इस्तेमाल हुआ। एक बार भारत को, दो बार स्पेन को रेफरल पर अपील करने पर पेनल्टी कॉर्नर मिला। भारत को पहले ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन स्पेन के रेफरल पर यह अपील नकार दी गई।
भारत की ओर से एकमात्र गोल रूपिंदर पाल सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक पर हाफ टाइम से सात मिनट पहले किया जबकि स्पेन के लिए एकमात्र गोल जवाबी हमले पर रॉक ओलिवा ने दागा। भारत ने स्पेन से अपने पिछले दो मैच हारे थे लेकिन संयोग से वह यहां जरूर इस सिलसिले को रोकने में कामयाब रहा।
ऑस्ट्रेलिया ने बेल्जियम को सबक सिखाया
मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने तूफानी हॉकी की बानगी दिखाते हुए छुपा रुस्तम कही जा रही बेल्जियम को हॉकी का खूब सबक दिखाया।
क्रिस सीरिलियो, जैकब व्हिटन और जैमी ओकेनडन ने मौकों को भुनाने की कला खूब दिखाई और एक-एक गोल दाग कर ऑस्ट्रेलिया को बेल्जियम के खिलाफ 3-1 से जीत दिला दी।
ऑस्ट्रेलिया लगातार तीसरी जीत के साथ नौ अंक लेकर टॉप पर है जबकि बेल्जियम इतने ही मैचों से छह अंक के साथ पूल ‘ए’ में तीसरे स्थान पर है।