भारतीय हॉकी खिलाड़ियों के लिए ट्रेनिंग नहीं होना निश्चित रूप से चिंता का विषय है लेकिन उन्हें घर की कमी महसूस हो रही है और यह बात उन्होंने बृहस्पतिवार को खेल मंत्री किरेन रिजिजू को ऑनलाइन बातचीत में बताई जबकि सीमित अभ्यास शुरू करने का भी अनुरोध किया। भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने मंत्री को बताया कि अगले साल ओलंपिक की तैयारियों के तहत जल्द से जल्द छोटे-छोटे समूह में मैदानी ट्रेनिंग करने से वे अन्य शीर्ष देशों पर दबदबा बना सकते हैं।
एक सूत्र ने बताया, ‘खिलाड़ियों ने कहा कि वे घर की कमी महसूस कर रहे हैं लेकिन वे बखूबी समझते हैं कि वे यहां सुरक्षित हैं। वे बेकार के विचारों को हटाने के लिए ट्रेनिंग शुरू करना चाहते हैं।’ भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के शुरू से ही बंगलुरू के भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) केंद्र में हैं। खेल मंत्री ने 34 पुरुष और 24 महिला खिलाड़ियों की बैठक में फीडबैक लिया। इनके अलावा पुरुष और महिला हॉकी टीमों के मुख्य कोच ग्राहम रीड और शुआर्ड मराइन तथा हाई परफोरमेंस निदेशक डेविड जॉन भी मौजूद थे।