भारत को नीदरलैंड के खिलाफ जीत और सिर्फ जीत की दरकार थी। भारत सोमवार को जीत से ही हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल में पूल-बी में आखिर स्थान पर आने से बच सकता है। उसकी यह हसरत बस हसरत ही रह गई।
नीदरलैंड ने खासतौर पर तीसरे क्वार्टर में मौकों को भुनाने की कला की बानगी दिखाकर भारत को सोमवार को पूल-बी के मैच में 3-1 से हरा दिया। आकाशदीप सिंह और एसवी सुनील जैसे तेज स्ट्राइकरों का तेज आगाज के बावजूद नीदरलैंड के गोल पर जाकर बराबर चूकना भारत को महंगा पड़ा। भारत ने पहले और चौथे क्वार्टर में दबाव बनाया लेकिन कमजोर निशानेबाजी के कारण उसकी पूरी मेहनत बेकार चली गई।
नीदरलैंड ने तीन मैचों में दो जीत और एक ड्रॉ के साथ पूल में अपना अभियान सात अंकों के साथ खत्म किया। भारत तीन मैचों में दो हार और एक ड्रॉ के साथ महज एक अंक लेकर चौथे और आखिरी स्थान पर रहा।
ऑस्ट्रेलिया की ब्रिटेन के हाथों हार के साथ पूल-ए शीर्ष पर कौन रहेगा उसी से भारत का मुकाबला होगा। नीदरलैंड की इस जीत के हीरो उसके लिंकमैन मिंक वान डेर वीरडेन का रोल खासा अहम रहे। मिंक ने खुद तीसरे क्वार्टर में पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदल नीदरलैंड का खोला। मिंक के बेहतरीन क्रास पर सात मिनट बाद माइक्रो प्रूजर ने गोल कर नीदरलैंड की बढ़त 2-0 कर दी।
एसवी सुनील के पास हासिल मैच के एकमात्र पेनाल्टी कॉर्नर पर रुपिंदर पाल सिंह के शॉट पर रिबाउंड पर लौटी गेंद को वहीं डी में खड़े भारत के चिंगलेनसाना ने तेज फ्लिक से गोल कर स्कोर कर दिया।
खेल खत्म होने से छह मिनट पहले बिकी बाकर के दाएं से तेज क्रॉस पर रॉयल बोवेनडर्ट ने गोल कर नीदरलैंड को 3-1 से आगे कर उसकी जीत निश्चित कर दी। आकाशदीप सिंह और एसवी सुनील की अगुवाई में भारत ने आक्रामक अंदाज में आगाज किया। दानिश मुज्तबा और धर्मवीर सिंह ने दोनों छोर से गेंद को डी में बढ़ाया।
आकाशदीप के पास पर डी के भीतर आठवें मिनट में और तीन मिनट बाद धर्मवीर के क्रास पर रमणदीप का पुश इतना इतना ढीला था कि गोलरक्षक जैप स्टॉकमैन ने आसानी से गेंद को रोक कर नीदरलैंड पर आया खतरा टाल दिया। पहले क्वार्टर के खत्म होने से ठीक पहले स्ट्राइकर वेलेंटाइन वर्गा के क्रॉस पर थियरे ब्रिंकमैन ने डी के भीतर गलत निशाना जमाया और भारत पर गोल होते-होते रह गया।
भारत के लिए इस क्वार्टर में चिंगलेनसाना के लंबे पास पर सुनील ने डी में खड़े स्कूप कर गेंद फेंक लेकिन आकाशदीप पीछे रह गए। तलविंदर और सुनील गेंद को लेते देते मैच के 28 मिनट में डी में पहुंचे लेकिन मिंक ने गेंद को अपने गोल से बाहर कर नीदरलैंड को गोल खाने से बचाया। दूसरे क्वार्टर के आखिरी मिनट वीआर रघुनाथ के लंबे स्लैप शॉट पर आकाशदीप सिंह डी के भीतर गेंद पर अपनी हॉकी ही नहीं लगा पाए और भारत के हाथ आया गोल करने का सुनहरा मौका निकल गया।
वीआर रघुनाथ ने मैच के 36 वें मिनट हमला नाकाम करने की कोशिश में खतरनाक ढंग से हॉकी चलाई और इस मिले पेनाल्टी कॉर्नर को मिंक वान डेर वीरडान ने गोल में बदल कर नीदरलैंड का खाता खोला। चार मिनट बाद सेव वान ऐस की जोरदार वॉली पर गोलरक्षक पीआर श्रीजेश ने गेंद को रोक भारत पर आया खतरा टाला। 43 वें मिनट में मिंक के दाएं से जोरदार क्रॉस पर माइक्रो प्रूजर ने गोल कर नीदरलैंड को 2-0 से आगे कर दिया।
एसवी सुनील तेजी से दाएं से गेंद को लेकर डी में घुसे और उनके शॉट पर गेंद नीदरलैंड के ग्लेन शर्मन के पांव पर लगी और मैच के 47 वें मिनट में भारत को पहला पेनाल्टी कॉर्नर मिला। इस पर रूपिंदर पाल सिंह के फ्लिक पर गेंद रशर की स्टिक पर लग लौटी और वही खड़े चिंगलेनसाना सिंह ने तेजी से गेंद को फ्लिक कर गोल में डाल भारत को एक-एक की बराबरी दिला दी। बिली बाकर दाएं से गेंद को लेकर डी में घुसे और जसजीत कुलार सहित भारत की पूरी रक्षापंक्ति मात खा बैठी और रॉयल बोवेनडर्ट ने तेजी से गेंद को फ्लिक कर नीदरलैंड को 3-1 से आगे कर गोल कर अपनी टीम की जीत निश्चित कर दी।