हॉकी इंडिया ने अगले साल बर्मिंघम में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों से हटने का फैसला किया है। हॉकी इंडिया ने बीते मंगलवार को राष्ट्रमंडल खेलों से यह कहते हुए हटने का फैसला किया था कि बर्मिंघम में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों और हांगजोऊ में होने वाले एशियाई खेलों के बीच सिर्फ 32 दिन का समय होगा। हॉकी इंडिया ने अपने बयान में कहा वह ब्रिटेन में अपने खिलाड़ियों को भेजकर जोखिम नहीं उठना चाहता जो कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से बुरी तरह प्रभावित है। हॉकी इंडिया के इस फैसले पर खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कड़ी आपत्ति जताई है।
सरकार से सलाह लेने की जरूरत
उन्होंने कहा किसी भी एसोसिएशन या फेडेरेशन को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए और सरकार से चर्चा करनी चाहिए, डिपार्टमेंट से चर्चा करनी चाहिए, क्योंकि एक फेडरेशन की टीम नहीं जा रही है, देश की टीम जा रही है, 130 करोड़ के देश में मात्र 18 खिलाड़ी ही नहीं हैं जो देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, एक अवसर होता है दुनिया भर के ग्लोबल इवेंट में भाग लेने के लिए, मेरा मानना है कि उन्हें खेल मंत्रायल के साथ बात करना चाहिए, निर्णय सरकार को करना है।
सरकार ले फैसला
उन्होंने आगे कहा, हॉकी जैसे खेल में प्रतिभा की कमी नहीं है, अगर हम क्रिकेट में देखें तो अभी आईपीएल चल रहा है आगे वर्ल्ड कप है, अगर वो खेल सकते हैं तो एशियन गेम्स और राष्ट्रमंडल खेलों में क्यों नहीं। खेल मंत्री के मुताबिक, भारत की टीम कहां पर प्रतिनिधित्व करे यह केवल फेडरेशन तक सीमित नहीं है, यह भारत को और भारत की सरकार को तय करना है।