अपने जमाने के पाकिस्तान के बेहतरीन सेंटर हाफ हसन सरदार यहां हॉकी विश्व कप में अपनी टीम के मैनेजर के रूप में आए हैं। हसन सरदार की भारत में बॉम्बे (अब मुंबई) 1982 में हुए हॉकी विश्व कप से कई मीठी यादें जुड़ी हैं।
हसन सरदार की कलाकारी से तब पाकिस्तान ने जर्मनी को फाइनल में 3-1 से हरा कर हॉकी विश्व कप जीता था। बॉम्बे विश्व कप पहला मौका जब हसन सरदार भारत आए थे।
एफआईएच रैंकिंग में 13वें नंबर की टीम पाकिस्तान की यहां विश्व कप में एफआईएच रैंकिंग में अपने से कहीं उंची छठे स्थान पर काबिज जर्मनी की टीम से पूल ऑफ डी कहे जा रहे पूल डी में कड़े संघर्ष के बाद 0-1 से हारने के बावजूद अपने शानदार खेल से सभी का दिल जीत लिया। हसन सरदार ने यहां बीते जमाने की यादों को साझा करते हुए अतीत की यादों में खो गए।
उन्होंने कहा, '1982 का बॉम्बे हॉकी विश्व कप हमारे लिए यादगार रहा। तब हमने जर्मनी को फाइनल में हराकर विश्व कप खिताब जीता था। तब हमें लगा था कि हमारा भारत से इस विश्व कप में मुकाबला होगा। तब भारत और हमारी पाकिस्तान टीम अलग पूल में थी। भारत के सेमीफाइनल में न पहुंच पाने से हमारी उससे खेलने की हमारी हसरत अधूरी रह गई थी।'
उन्होंने एक और रोचक बयां करते हुए कहा, '1982 के एशियाई खेलों में मेरी जब राजीव गांधी से मुलाकात हुई तो उन्होंने मुझे बताया था कि उनकी मां इंदिरा गांधी ने उन्हें 1982 के एशियाई खेलों के कामयाब आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी थी। तब राजीव गांधी यूथ कांग्रेस के नेता हुआ करते थे। तब हमारी भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से मुलाकात हुई थी तो मैंने उनसे कहा था कि भारत ने 1982 के एशियाई खेलों की शानदार मेजबानी की है। भारत को अब ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी करनी चाहिए।'