मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न दिया जाए। इसके साथ ही बुंदेलखंड में सभी खेलों को सरकार संसाधन और खेल मैदान उपलब्ध कराए। यह कहना है कई पूर्व व वर्तमान खिलाड़ियों को। अमर उजाला से बातचीत में इन खिलाड़ियों ने कहा कि दद्दा ध्यानचंद की नगरी से हॉकी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन सहित तमाम खेलों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी उभरे है, लेकिन बावजूद इसके यहां के स्थानीय खिलाड़ियों को सुविधाएं नहीं है।
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सरकार से नहीं मिलता प्रोत्साहन
उत्तर प्रदेश महिला हाकी टीम की सदस्या अनीस आब्दी ने कहा, 'बुंदेलखंड में हॉकी के संसाधनों की बहुत कमी है। कई खिलाड़ी जो बेहद प्रतिभाशाली है, लेकिन गरीब है। उन्हें सरकार की ओर से कोई प्रोत्साहन नहीं मिलता है। जरूरत है कि खिलाड़ियों को सुविधाएं मिले और हाकी जादूगर को भारत रत्न।'
करना पड़ता है संघर्ष
भारतीय जूनियर हाकी टीम के सदस्य शिवम आनंद कुशवाहा ने कहा, 'पहले से हाकी के संसाधनों में सुधार आया है। लेकिन कुश्ती, फुटबाल, एथलेटिक्स सहित लगभग कई खेलों में संसाधनों का अभाव है। ऐसे में खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।'