हॉकी इंडिया ने जब भारत की सीनियर महिला हॉकी टीम के एनालिटिकल कोच के लिए विज्ञापन निकाला तो तब पहला सवाल जेहन में आया यह था कि एरिक वूनिंक के इस पद पर रहते आखिर इस पद के लिए विज्ञापन क्यों निकाला गया? इस बाबत जब 'अमर उजाला’ ने हॉकी इंडिया की सीईओ इलिना नार्मन से जानना चाहा तो उन्होंने जवाब दिया, 'एरिक वूनिंक अभी भी हमारे साथ हैं। हमने एरिक को अब सीनियर टीम से हटाकर जूनियर भारतीय महिला हॉकी का एनालिटिकल कोच नियुक्त कर दिया है। हमने इसीलिए एरिक की जगह सीनियर भारतीय महिला हॉकी टीम के एनालिटिकल कोच के लिए विज्ञापन निकाला है। इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 5 अक्टूबर है।’
एरिक वूनिंक दरअसल दो बरस से ज्यादा से भारत की सीनियर महिला हॉकी टीम के साथ बतौर एनालिटिकल कोच जुड़े थे। वह पहले भारत की सीनियर महिला हॉकी टीम के चीफ कोच हरेन्द्र सिंह और फिर शुएर्ड मराइन के साथ टीम के एनालिटिकल कोच रहे। दरअसल एरिक वूनिंग की हरेन्द्र और मराइन के साथ गाड़ी ठीक चली, लेकिन हॉकी इंडिया के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर डेविड जॉन के साथ उनकी जुगलबंदी नहीं बन पाई। हॉकी इंडिया ने दरअसल एरिक वूनिंक का हाल ही में ज्यादा इस्तेमाल सीनियर हॉकी टीम के एनालिटिकल कोच की बजाय हॉकी कोच को हॉकी के गुर सिखाने के लिए लगाई जाने वाली कार्यशालाओं में 'प्रवचन’ देने वाले वक्ता के रूप में ज्यादा किया है। एरिक हालांकि रणनीति बनाने में माहिर हैं और इसकी सभी भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी कायल हैं।
हॉकी इंडिया को भारत की सीनियर महिला हॉकी टीम के एनालिटिकल कोच के लिए विज्ञापन निकालने से पहले खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) को सूचित करना चाहिए था। सवाल कई हैं। जब हॉकी इंडिया ने इस पद के लिए विज्ञापन निकाला तो क्या उसने ऐसा किया? दरअसल भारतीय हॉकी को ऑस्ट्रेलियाई ही चला रहे हैं। भारतीय हॉकी टीम के सीईओ से लेकर हाई परफॉर्मेंस डायेक्टर और पुरुष टीम के चीफ कोच तक सभी ऑस्ट्रेलियाई हैं। अब देखना यह है कि भारत की सीनियर महिला हॉकी टीम का नया एनालिटिकल कोच अगले 5 अक्टूबर तक चुन लिया जाएगा या भारत की जूनियर पुरुष हॉकी टीम के चीफ कोच पद की तरह इसकी तारीख भी फिर कई बार आगे बढ़ाई जाएगी।