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देश के सभी खिलाड़ियों ने 'दद्दा' के लिए मांगा है भारत रत्न

Sun, 24 Sep 2017 03:19 PM IST
amarujala.com- Presented by: मुकेश झा
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मेजर ध्यानचंद
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हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' देने को लेकर पिछले कई सालों से टालमटोल चल रहा है। मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न देने पर कई पूर्व हॉकी खिलाड़ी सहित अन्य खिलाड़ियों ने अपनी सहमति जताई है। इसी बीच हाल ही में उनके सुपुत्र और पूर्व ओलंपियन अशोक ध्यानचंद ने इसको लेकर सवाल भी उठाया है।
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कुछ समय पहले अशोक ने कहा था कि उनके पिता को भारत रत्न देने पर राजनीति की जा रही है। जबकि उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में मेजर ध्यानचंद को अतुलनीय खिलाड़ी बताए थे। वहीं, खेल मंत्री विजय गोयल ने भी स्वेच्छा से ध्यानचंद का नाम भारत रत्न के लिए रखा था, उसके बावजूद भी दद्दा को भारत रत्न देने को लेकर कश्मकश चल रही है।

पढ़ेंः- ध्यानचंद एक नजर में: हॉकी के जादूगर के बारे में जानें 5 मुख्य बातें 

आइये आपको बताते हैं कि मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न देने को लेकर किसने क्या कहाः-

अशोक ध्यानचंद
अशोक ध्यानचंद पूर्व ओलंपियन हैं और मेजर ध्यानचंद के पुत्र भी हैं। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद वह शख्सियत हैं, जिनके कारण हॉकी को राष्ट्रीय खेल बनाया गया। दद्दा को लोग आज भी प्यार और याद करते हैं। उनका कहना है कि हॉकी खेल में उन्होंने बहुत कुछ दिया, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि राजनीति के कारण दद्दा यानी उनके पिता को भारत रत्न नहीं मिला, लेकिन उन्हें यह सम्मान मिलने की पूरी उम्मीद है।
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धनराज पिल्लै 
पूर्व हॉकी स्टार और कप्तान धनराज पिल्लै ने महान हॉकी खिलाड़ी ध्यानचंद को भारत रत्न देने के बारे में कहा कि उनको जल्द से जल्द देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मेजर ध्यानचंद अच्छे खिलाड़ी ही नहीं हाकी के जादूगर थे'। आगे पिल्लै ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि उन्हें जल्द से जल्द भारत रत्न दिया जाएगा। उन्हें अब यह पुरस्कार दिये जाने पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए।'

जफर इकबाल
पूर्व हॉकी खिलाड़ी जफर इकबाल ने कहा कि दद्दा ध्यानचंद को भारत रत्न का सम्मान मिले। लेकिन हम सिर्फ उम्मीद कर सकते हैं कि उन्हें यह मिले। इसके पीछे राजनीतिक इच्छा मायने रखती है। उन्होंने कहा कि जब सचिन तेंदुलकर को यह सम्मान साल 2014 में मिला तब भी ऐसा ही था। उन्हें पुरस्कार मिले या न मिले, इससे उनके दर्जे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन उन्हें यह मिलना चाहिए क्योंकि वह इसके सबसे अधिक हकदार हैं।
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मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न देने को लेकर किसने क्या कहा

ध्‍यानचंद - फोटो : sportstarvile
अजित पाल
विश्व कप 1975 में भारत की खिताबी जीत के दौरान टीम की कप्तानी करने वाले अजित पाल ने कहा कि ध्यानचंद यह सम्मान पाने वाले पहले खिलाड़ी होने चाहिए थे। उन्होंने कहा, 'दुनिया भर के लोग उन्हें जानते हैं। वह हॉकी के जादूगर के नाम से जाने जाते हैं और हमने उनके बारे में इतनी सारी कहानियां सुनी हैं। अगर कोई खिलाड़ी इस सम्मान का हकदार है तो वह ध्यानचंद ही हैं। खेल के लिए उनका बलिदान काफी बड़ा है। पूर्व की सरकारों ने उन्हें पुरस्कार नहीं देकर गलती की। उम्मीद करता हूं कि ये सरकार इस गलती को सुधारेगी।' 

पढ़ेंः- जानिए, सचिन तेंदुलकर कैसे हो गए भारत रत्न के लिए ध्यानचंद से आगे  ​

दिलीप टिर्की
अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ डिफेंडरों में शुमार पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान दिलीप टिर्की ने कहा, 'यह दुखद है कि हम खेलों के बीच भेदभाव करते हैं। यह और अधिक दुख की बात है कि हम उनके लिए पुरस्कार की मांग कर रहे हैं। वह उस समय खेले जब कोई मान्यता नहीं होती थी, कोई मीडिया नहीं था। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि जल्द से जल्द ध्‍यानचंद को सम्मान देने के लिए जरूरी प्रयास किए जाएं।'  

मिल्खा सिंह 
अपने जमाने के दिग्गज एथलीट मिल्खा सिंह ने कहा, 'हॉकी के जादूगर ध्यानचंद देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न पाने वाले पहले खिलाड़ी होने चाहिए थे। मेजर ध्यानचंद भारत रत्न पाने के लिए सबसे बड़े हकदार थे।' 

बलबीर सिंह
मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न दिए जाने की मांगों के बीच एक और महान हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर ने कहा है कि ध्यानचंद देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के हकदार हैं और उम्मीद थी कि उन्हें यह सम्मान जीतेजी मिल जाएगा। हालांकि ऐसा हो ना सका। 92 साल के बलबीर का मानना है कि उन्हें वह सम्मान नहीं मिल सका, जिसके वह हकदार थे।

ध्यानचंद को भारत रत्न दिलाने के लिए हस्ताक्षर करें यहां- goo.gl/hYuwMF
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