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Wrestling Exclusive: जो ओलंपिक पदक लेकर आए वे नेशनल से क्यों भागेंगे? जानें पहलवानों को मिला किस-किस का साथ

Thu, 19 Jan 2023 05:48 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को कई लोगों का समर्थन मिल रहा है। पूर्व कोच ज्ञान सिंह और पहलवान जोगिंदर सिंह ने प्रदर्शन कर रहे पहलवानों का समर्थन किया है। 
 
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प्रदर्शन में बैठे पहलवान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कई भारतीय पहलवान प्रदर्शन कर रहे हैं। जंतर-मंतर में प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इन पहलवानों में बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, अंशु मलिक और साक्षी मलिक भी शामिल हैं। पहलवानों का कहना है कि बृजभूषण मनमाने तरीके से संघ को चला रहे हैं। संघ में उनके जैसे लोगों की भरमार है, जो लड़कियों का शोषण करते हैं। 
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कई पुरुष कोच भी लड़कियों और महिला कोच का शोषण करते हैं। पहलवानों ने यह भी दावा किया कि उनके पास पांच से छह ऐसी खिलाड़ी हैं, जिनके साथ ऐसा हुआ है। यह साबित करने के लिए उनके पास सबूत भी हैं, लेकिन वह सबूतों को सार्वजानिक नहीं करना चाहते हैं। पहलवानों का कहना है कि जह तक बृजभूषण सिंह का इस्तीफा नहीं होता है, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। वह इस मामले को कोर्ट तक लेकर जाएंगे और बृजभूषण सिंह को जेल भिजवाकर रहेंगे।
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इन पहलवानों को कई खिलाड़ियों और पूर्व कोच का समर्थन मिला है। दिल्ली के पास औचंदी के पहलवान जोगिंदर सिंह ने कहा कि जो खिलाड़ी ओलंपिक में पदक लेकर आए हैं, वे राष्ट्रीय खेलों से क्या डरेंगे। उन्होंने कहा कि कुश्ती में ऐसी चीजें लंबे समय से चल रही हैं, लेकिन प्रदर्शन करने वाले पहलवान अब अपने साथ सबूत लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकतर पहलवान दिल्ली और हरियाणा से हैं, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिल रहा। यहां पूरा संघ ही भ्रष्ट है। ऐसे में पहलवान चाहते हैं कि पूरे संघ को बदला जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर 97 फीसदी पहलवान बृजभूषण सिहं के समर्थन में हैं तो उन्हें दिखाना चाहिए। 

रिटायर्ड सीनियर खेल अधिकारी, कुश्ती के चीफ कोच और ध्यानचंद अवार्डी रहे ज्ञान सिंह ने कहा, ये समस्या अभी आई है। कोई इस पर बोलने को तैयार नहीं था। इन खिलाड़ियों ने हिम्मत दिखाई है। खेल मंत्रालय पैसा खर्च कर रहा है, लेकिन उसका मूल्यांकन कोई नहीं करता। कोच को लेकर यह मूल्यांकन बहुत जरुरी है। अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में जीत हासिल करने वाले खिलाड़ी को नेशनल खेल में अवश्य खेलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश के अधिकतर कोच को यह नहीं पता है कि खिलाड़ियों को कैसे मैनेज करना है।
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