गत चैंपियन अफगानिस्तान के सामने रविवार को सैफ कप के फाइनल में भारतीय टीम के सामने कड़ी चुनौती होगी।
टीम इंडिया के पास रिकॉर्ड सातवीं बार इस खिताब को जीतने का मौका है। काठमांडू में 2013 में हुए फाइनल मुकाबले में अफगानिस्तान की टीम ने ही भारत को 2-0 से पराजित कर दिया था। जबकि 2011 में भारतीय टीम ने अफगानिस्तान को 4-0 से हराया था।
तिरुवनंतपुरम में खेले जा रहे टूर्नामेंट में इस बार फाइनल में भारत के खिलाफ अफगानिस्तान की टीम का पलड़ा भारी माना जा रहा है क्योंकि उसकी टीम के ज्यादातर खिलाड़ी विदेशी लीगों में खेलते रहे हैं और टीम जबर्दस्त लय में दिख रही है।
अफगानिस्तान की टीम ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 5-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। जबकि टीम इंडिया को मालदीव के खिलाफ सेमीफाइनल में कड़े मुकाबले में 3-2 से जीत मिली थी।
भारतीय टीम में कप्तान सुनील छेत्री, जेजे लालपेखलुआ और 18 साल के लालियानजुआला भी हैं जिन पर भारतीय आक्रमण का खासा दारोमदार रहेगा। मिडफील्ड में भारतीय टीम को रोलिन बोर्गेस, इयुगेनसन लिंगदोह और बिकाश जैरू से बड़ी उम्मीदें हैं। भारतीय रक्षक पंक्ति में प्रीतम कोटल, अर्णब मंडल, एगस्टिन फर्नांडीज और नारायण दास की अफगानिस्तानी फारवर्डों के सामने कड़ी परीक्षा होगी।
अफगानिस्तान के प्रमुख खिलाड़ी खैबर अमानी अब तक पांच गोल कर चुके हैं। उसके राइट फ्लैंक पर जुबैर अमीरी और बाएं छोर से ओमिद पोपलजे भी काफी हलचलें पैदा करते रहे हैं।
अफगानिस्तान की टीम ने बांग्लादेश को 4-0 से और मालदीव को 4-1 से हराया था। दूसरी ओर भारत की टीम श्रीलंका को 2-0 और नेपाल को 4-1 से हराकर ग्रुप में शीर्ष पर रही थी। भारतीय टीम ने अब तक नौ गोल किए हैं जबकि तीन गोल उसके खिलाफ हुए हैं।