फ्रांस और क्रोएशिया के बीच होने वाले फाइनल मुकाबला लुजिन्हकी स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसकी दर्शक क्षमता 78 हजार है। फाइनल के लिए पहले ही हाउसफुल है। फ्रांस के दर्शकों का तो टिकट पर लगाया दांव फिट बैठ गया है, लेकिन दिक्कत तो उन क्रोएशियाई दर्शकों को हो रही है जो ये सोचकर नहीं आए थे कि फाइनल तक रुकना पड़ेगा।
ऑनलाइन बुकिंग जनवरी में ही बंद हो गई थी। तब बहुत कम क्रोएशियाई दर्शकों ने टिकटें बुक की थी। फीफा ने अतिरिक्त टिकटों की व्यवस्था तो की है, लेकिन वो क्रोएशियाई फेडरेशन को दी है जो अपने पूर्व खिलाड़ियों और खास मेहमानों को उपलब्ध कराएगी। आम दर्शकों के लिए सार्वजनिक रूप से टिकटें उपलब्ध नहीं हैं। उनके लिए स्टेडियम के बाहर बिग स्क्रीन पर मैच देखने का विकल्प होगा।
ब्राजील में हुए पिछले विश्व कप में 34 लाख से ज्यादा दर्शकों ने स्टेडियम में मैच देखे थे जोकि एक रिकॉर्ड था। प्रति मैच औसत 53 हजार दर्शकों की थी।
पिछले चार विश्व कप में दर्शकों की उपस्थिति
| विश्व कप |
दर्शक |
प्रति मैच औसत |
| 2014 |
3,429,873 |
53, 592 |
| 2010 |
3,16,7984 |
49, 499 |
| 2006 |
3,367,000 |
52, 609 |
| 2002 |
2,724,604 |
42, 571 |
फीफा ने प्रसारणकर्ताओं को यह भी निर्देश दिए हैं कि वह दर्शकों खासकर महिलाओं को लेकर ज्यादा क्लोज अप शॉट न दिखाएं। कई बार महिलाओं पर ज्यादा फोकस करते हैं। फीफा ने लैंगिक भेदभाव रोकने के सुझावों के तहत यह निर्देश दिए हैं।