क्रोएशिया के मुकाबले फ्रांस को इस विश्व कप जीतने का दावेदार माना जा रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि कोच डिडिएर डेशचैंप की टीम किसी तरह के मुगालते में नहीं है। टीम के सबसे अनुभवी डिफेंडर ब्लाएस मटूडी इस सवाल पर छूटते ही कहते हैं, यह बकवास है। उन्होंने देखा है कि क्रोएशियाई नॉकआउट में किस तरह से खेले हैं। उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता।
वहीं स्टार मिडफील्डर पॉल पोग्बा को 2016 यूरोपीय चैंपियनशिप के फाइनल में पुर्तगाल के खिलाफ मिली हार अच्छी तरह ध्यान है। तभी बेल्जियम के खिलाफ जीत मिलते ही वह ड्रेसिंग रूम में चिल्लाकर बोले, हमने दो साल पहले जो किया वह अब नहीं कर सकते। हम विजेता नहीं बने हैं अभी एक मुकाबला और बाकी है, जब हम फाइनल जीत जाएं तब जश्न मनाएं अभी नहीं।
पोग्बा की यह बात कोच डेशचैंप समेत पूरी टीम ध्यान से सुन रही थी। दरअसल पोग्बा खुलासा करते हैं कि जर्मनी को सेमीफाइनल में हराने के बाद फ्रांस ने यह मान लिया था कि वह चैंपियन हो गए हैं। उस टीम के 8 खिलाड़ी यहां हैं। फ्रांस वह गलती दोहराने के मूड में नहीं है। यही कारण है कि उसका फोकस पूरी तरह से विजेता बनने है और वह क्रोएशियाई टीम को हल्के में नहीं ले रहे हैं।
विजेता बनने पर फ्रांस कई नए इतिहास रचेगा। उसके कोच डेशचैंप तीसरे ऐसे फुटबॉलर बन जाएंगे, जिन्होंने बतौर खिलाड़ी और कोच दोनों के रूप में विश्व कप जीता हो। पिछले 20 सालों में फ्रांस के पास दो बार विश्व चैंपियन बनने का मौका है। 20 सालों में फ्रांस तीसरी बार फाइनल में है।
खास बात यह है कि विश्व कप सफर की शुरूआत के दौरान फ्रांस को अपने पत्रकारों से काफी आलोचना का सामना करना पड़ा। डेशचैंप ने लेकिन कभी इसकी परवाह नहीं की। पोग्बा ने कहा भी शुरूआत में उनकी टीम को संदेह की निगाहों से देखा गया, लेकिन नॉकआउट में उसने जैसा प्रदर्शन किया। वह चैंपियन बनने के फेवरेट बन गए हैं।
विश्व कप के तीन नॉकआउट मुकाबले अतिरिक्त समय और शूटआउट में जीतकर फाइनल का सफर तय करनी वाली क्रोएशिया पहली टीम है। 1998 के सेमीफाइनल में फ्रांस के हाथों मिली हार को इस टीम ने पीछे छोड़ फाइनल में जगह बना ली है। टीम के विश्वास का यही कारण है। कोच दालिच, कप्तान मोड्रिक, इवान राकिटिच समेत पूरी टीम खुली आंखों से पहली बार विश्व विजेता बनने का सपना देख रही है।
तीन मुकाबले अतिरिक्त समय में खेलकर एक अतिरिक्त मैच खेल चुकी क्रोएशिया थककर भी कुछ कर गुजरने को तैयार है। बुखार के बावजूद इंग्लैंड के खिलाफ 120 मिनट तक खेले इवान राकिटिच का कहना है कि विजेता बनने के लिए वह कुछ भी करने को तैयार हैं।
उरुग्वे के बाद 40 लाख की आबादी वाला देश क्रोएशिया विश्व कप के फाइनल में पहुंचने वाला दूसरा सबसे छोटा देश है। मोड्रिक टीम के रोल मॉडल बन गए हैं। वह इस विश्व कप में सबसे ज्यादातर देर तक 604 मिनट खेले हैं।
कोच ज्लाट्को दालिच ने जब बीते वर्ष टीम संभाली थी तब उनके सामने चुनौती क्रोएशिया को एक टीम बनाने की थी। दालिच का कहना है कि क्रोएशिया के पास कभी भी बड़े नामों की कमी नहीं रही। व्यक्तिगत रूप से ये खिलाड़ी क्लबों के लिए खूब सफल होते हैं, लेकिन क्रोएशियाई टीम फिर भी कुछ नहीं कर पाती।
उन्होंने इन्हीं नामों को एक सूत्र में पिरोने का बीड़ा उठाया। आज मोड्रिक, राकिटिच, इवान पेरेसिच, मैंडजुकिच, सुबासिच जैसे स्टार एक टीम में हैं और क्रोएशिया की सफलता में एकता का सबसे बड़ा हाथ है।
पारंपरिक जर्सी में फाइनल खेलेगी क्रोएशिया
क्रोएशिया ने इस विश्व कप में अपने सभी मुकाबले दूसरी पसंद काले और नीले रंग की जर्सी में खेले हैं। उसकी पहली पसंद पारंपरिक लाल और सफेद चेकर्ड जर्सी है। इसी जर्सी को पहनकर फ्रांस के खिलाफ फाइनल में उतरेगी।
संभावित टीम:
फ्रांस-ह्यूगो लॉरिस (कप्तान, गोलकीपर), बेंजामिन पेवर्ड, राफेल वराने, सैमुअल उमटीटी, ल्यूकास हेर्नांडेज, पॉल पोग्बा, नगोले कोंटे, कालियन मबापे, एंटोनी ग्रीजमैन, मटूडी, ओलिवर जिरू
क्रोएशिया-सुबासिच (गोलकीपर), सिमे वरसाल्को, देजान लोवरेन, विडा, इवान स्तिरनिच, इवान राकिटिच, मार्सेलो ब्रोजोविच, एंटे रेबिच, लुका मोड्रिक (कप्तान), इवान पेरेसिच, मारियो मैंजुकिच
फ्रांस के कप्तान ह्यूगो लॉरिस और क्रोएशिया के गोलकीपर दानीजेल सुबासिच पूरे विश्व कप में सर्वश्रेष्ट फॉर्म में रहे हैं। दोनों का ही बचाव प्रतिशत समान 71.4 रहा है।
लॉरिस का सर्वश्रेष्ठ बचाव-उरुग्वे के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में मार्टिन कासेरस के हेडर को लॉरिस ने चमत्कारिक डाइव से बचाया। डेशचैंप ने बाद में कहा यह बचाव नहीं था यह तो गोल ही था।
सुबासिच का सर्वश्रेष्ठ बचाव-रूस के खिलाफ पेनाल्टी शूटआउट के दौरान फेदोर स्मोलोव की किक को चोटिल होने के बावजूद उन्होंने जिस तरह बचाया उसने एक्टर विल स्मिथ को भी हैरान कर दिया।
2014 का विश्व कप जीतने वाली जर्मनी टीम के कप्तान फिलिप लाहम और रूस की सुपर मॉडल नतालिया वोदियानोवा फीफा विश्व कप की असली ट्रॉफी को ट्रैवल केस में रखकर लेकर आएंगे
फ्रांस के आंकड़े
- फ्रांस और स्पेन विश्व कप के फाइनल में पहली बार पहुंचकर विजेता बने हैं
- 03 डिफेंडरों ने इस विश्व कप में गोल किए हैं फ्रांस के लिए 1998 में भी तीन ही डिफेंडरों ने फ्रांस के लिए गोल किए थे
- विश्व कप के फाइनल में फ्रांस ने चार गोल किए हैं इनमें से तीन गोल सेट पीस (दो कॉर्नर, एक पेनल्टी) पर आए हैं।
- 09 मिनट 12 सेकेंड ही फ्रांस इस विश्व कप में अर्जेंटीना के खिलाफ पिछड़ा है
- 13 शॉट ओलिवर जिरू ने लिए हैं, लेकिन कोई गोल नहीं हुआ। 1966 के बाद यह सर्वाधिक बिना गोल के प्रयास हैं
- मबापे ने गोल किया तो फाइनल में पेले के बाद गोल करने वाले दूसरे टीनएजर होंगे
- 48 बार विरोधियों से कब्जा हासिल किया है नगोले कोंटे ने, यह इस विश्व कप में सर्वाधिक है
- 03 तीसरे सबसे युवा खिलाड़ी बनेंगे विश्व कप के फाइनल में उतरने वाले कायलिन मबापे
क्रोएशिया के आंकड़े
-20वीं रैंकिंग के साथ क्रोएशिया फाइनल में पहुंचने वाली सबसे निचले रैंक की टीम है
-16।6 किलोमीटर इंग्लैंड के खिलाफ दौड़े हैं ब्रोजोविच
-राकिटिच ने इस सत्र में सर्वाधिक 70 मैच खेले हैं। 55 बार्सिलोना के लिए और 15 क्रोएशिया के लिए
-03 बार नॉकआउट मुकाबलों में पिछड़कर वापसी की है क्रोएशिया ने
-14 सर्वाधिक पीले कार्ड खाए हैं क्रोएशिया ने
-08 खिलाड़ियों ने क्रोएशिया के लिए किए हैं 12 गोल (आत्मघाती गोल शामिल)