विश्व कप के दौरान कतर में लगभग 12 लाख लोगों के आने की उम्मीद है। साल 2010 में साल 2010 में कतर को फीफा विश्व कप की मेजबानी मिली थी। इसके बाद से यह देश फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी को लेकर अलग-अलग वजहों से विवादों में रहा है। दुनियाभर में लोगों ने कतर में समलैंगिक लोगों के प्रति रवैये और नियमों को लेकर चिंता जताई है।
क्या बोले सलमान?
इस इंटरव्यू के दौरान खालिद सलमान ने कहा "विश्व कप के दौरान देश में कई चीजें आएंगी। अगर समलैंगिकों की बात करें तो उनके यहां आने से किसी को परेशानी नहीं है, लेकिन उन्हें हमारे नियमों को मानना होगा।"
T20 World Cup: कार्तिक और पंत में से कौन खेलेगा इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल? रवि शास्त्री ने बताई अपनी पसंद
क्या है मामला?
कतर में सरिया नियमों के अनुसार समलैंगिकता अपराध है। किसी भी समलैंगिक गतिविधि में शामिल होने पर किसी भी व्यक्ति को सजा हो सकती है। सजा में सात की जेल से लेकर मरने तक पत्थर मारना भी शामिल है। कतर में शादी के बिना शारीरिक संबंध बनाने पर भी कड़ी सजा दी जाती है। कई मिडिया रिपोर्ट के अनुसार यहां समलैंगिक लोंगों को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया जाता है और किन्नरों को थैरिपी के जरिए सामान्य महिला या पुरुष बनाने की कोशिश भी की जाती है।
फीफा विश्व कप में कतर ने सभी लोगों को आमंत्रित किया है। यह भी कहा गया है कि अगर दो गैर शादी शुदा लोग एक कमरे में रहना चाहते हैं तो उन पर कोई पाबंदी नहीं होगी। हालांकि, कुछ खबरों के अनुसार समलैंगिक लोगों को यहां होटल बुक करने में परेशानी का सामना करना पड़ा है। कतर के अधिकारियों का कहना है कि वह समलैंगिकता को लेकर अपने नियमों में बदलाव नहीं करेंगे, लेकिन बाहर से आने वाले किसी व्यक्ति को इस तरह के मामले में परेशान नहीं किया जाएगा।
T20 World Cup: सूर्या के मुरीद हुए पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी, मोहम्मद रिजवान से तुलना पर भड़के
फुटबॉल फैंस को मैच के दौरान समलैंगिक समुदाय के झंडे दिखाने की अनुमति होगी और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने पर भी कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन किसी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर कार्रवाई की जा सकती है।
इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के फुटबॉल खिलाड़ियों के अलावा ब्रॉडकास्टर गैरी लिंकर ने भी कतर में समलैंगिक लोगों के अधिकारों को लेकर चिंता जाहिर की है। गैरी लिंकर का कहना है कि दो फुटबॉल खिलाड़ी ऐसे भी हैं, जो विश्व कप के दौरान समलैंगिक लोगों के पक्ष में प्रदर्शन में शामिल होंगे।