लैटिन अमेरिका का दबदबा 1986 से 2002 तब रहा। ब्राजील और अर्जेंटीना इस दौरान छाए रहे। 16 वर्ष तक यह दोनों देश विश्व कप के फाइनल में जगह बनाते रहे। यहां पांच विश्व कप में ब्राजील, अर्जेटीना ने तीन खिताब जीते।
वहीं यूरोपीय देशों के पास पहली बार मौका होगा जब विश्व कप के इतिहास में वह लगातार चौथी बार खिताब पर कब्जा करेंगे। 2006, 2010 और 2014 में यूरोपीय देश ने विश्व कप का खिताब जीता और इस बार भी उसके हाथों में ही यह ट्रॉफी आएगी।
- बता दें कि 60 वर्षों से लैटिन अमेरिकी देश ने यूरोप में नहीं जीता है विश्व कप।
- 1934, 1966, 1982, 2006 और 2018 ऐसे मौके रहे जब सभी यूरोपीय देश विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचे। ये सभी विश्व कप भी यूरोपीय देशों में ही हुए।
- 2002 में ब्राजील ने विश्व कप का खिताब जीता था। वह विश्व कप का खिताब जीतने वाली लैटिन अमेरिका की अंतिम टीम रही।
- 1958 में स्वीडन में हुए विश्व कप को आखिरी बार महान पेले ने ब्राजील को जिताया था। यह ब्राजील का पहला विश्व खिताब था। इसके बाद ब्राजील ने अपने चारों विश्व खिताब 1962 चिली, 1970 मैक्सिको, 1994 अमेरिका और 2002 कोरिया-जापान में जीते।
- 1978 में अर्जेंटीना ने स्वदेश में और 1986 में मैक्सिको में विश्व कप जीता।
- 1930 में उरुग्वे ने अपने देश और 1950 में ब्राजील में विश्व कप जीता।
- 9 कुल खिताब लैटिन अमेरिकी टीमों ने जीते हैं।
- सभी 21 विश्व कप में खेलना वाला ब्राजील ही एकमात्र देश है। खास बात यह है कि ब्राजील कभी विश्व कप के पहले दौर में बाहर नहीं हुआ।