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जानिए फीफा U-17 वर्ल्ड कप की दिलचस्प कहानी, हुए हैं बड़े बदलाव

Sun, 01 Oct 2017 03:34 PM IST
amarujala.com-presented by: मुकेश झा
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india fifa
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भारत पहली बार फीफा वर्ल्ड कप -2017 फुटबॉल प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है। 17 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों के इस वर्ल्ड कप का आयोजन 6 से 28 अक्टूबर तक भारत के छह शहरों में होगा, जिसमें गुवाहाटी, दिल्ली, गोवा, कोच्चि, कोलकाता और मुम्बई शामिल है। भारत में होने वाले अंडर-17 फुटबॉल विश्वकप के लिए भारत ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है।
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भारत की तरफ से 21 खिलाड़ियों को चुना गया है जिनसे विश्वकप की उम्मीद की जा रही है। देश ही नहीं दुनियाभर के भारतीयों में से इन 21 खिलाड़ियों को चुना गया है। इसमें क्वालीफाई कर आने वाली 24 टीमें भाग ले रही हैं। भारत का पहला मुकाबला अमेरिका के खिलाफ छह अक्तूबर को खेला जाएगा। 

पढ़ेंः- देखिए, FIFA U-17 विश्वकप के लिए ये हैं ‘मेन इन ब्लू’

ये है फीफा के पीछे दिलचस्प कहानीः-
फीफा अंडर-17 विश्व चैम्पियनशिप प्रतियोगिता, जो लायन सिटी कप से प्रेरित था, जिसे सिंगापुर की फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा 1977 में आयोजित किया गया था। लायन सिटी कप दुनिया की पहली अंडर -16 फुटबॉल टूर्नामेंट था। सिंगापुर में हुए साल 1982 के लायन सिटी कप के बाद उस समय फीफा के तत्कालीन सचिव जनरल सैफ ब्लाटर की सिफारिश से फीफा अंडर -16 वर्ल्ड कप चैम्पियनशिप का निर्माण किया गया। 
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ये है फीफा के पीछे की दिलचस्प कहानीः-

फीफा
दरअसल, इसके पीछे दिलचस्प कहानी यह है कि जब 35 साल पहले साल 1982 में फीफा के तत्तकालीन महासचिव सैफ ब्लाटर सिंगापुर के दौर पर थे तब उन्हें फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ सिंगापुर द्वारा आयोजित अंडर 16 लॉयन कप टूर्नामेंट देखने को मिला। तभी उनके मन में विचार आया कि क्यों न फीफा भी अपना विश्व कप कम उम्र के खिलाड़ियों के लिए शुरू करे। इस पर जल्द ही फीफा ने अमल किया और 1985 में चीन में पहला अंडर-16 वर्ल्ड कप का आयोजन हुआ। 

इसके बाद से अब तक 16 बार इसका आयोजन हो चुका है, जिसमें से तीन बार फीफा अंडर-16 और 13 बार फीफा अंडर-17 का आयोजन हुआ। पहले फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप का आयोजन साल 1991 में हुआ था, जिसको इटली ने होस्ट किया था। साल 1991 के फीफा वर्ल्ड के विजेता घाना और उप-विजेता स्पेन थे। 

बता दें कि असल में फीफा ने इसकी शुरुआत 16 साल तक के खिलाड़ियों के लिए की थी। लेकिन तीन आयोजनों यानी 1985, 1987, 1989 के बाद 1991 से इसका आयोजन अंडर 17 खिलाड़ियों के रूप में होने लगा, जिसका स्वरूप आज हमारे पास है। इस फीपा कप को हर दो साल पर आयोजित किया जाता है।
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