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फीफा वर्ल्ड कप 2018: क्रोएशिया है छोटा सा देश, उपलब्धियां इतनी कि गिनते-गिनते थक जाएंगे

Sun, 15 Jul 2018 05:17 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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क्रोएशिया
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क्रोएशिया ने फीफा वर्ल्ड कप 2018 के फाइनल में पहुंचकर फैंस का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। 40 लाख की आबादी वाले क्रोएशिया को बेशक असली पहचान फुटबॉल वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने के कारण मिली, लेकिन इसने अन्य खेलों में भी ढेरों उपलब्धि हासिल की है।

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बता दें कि आधुनिक क्रोएशिया टीम 1990 में बनीं। इसके एक साल के बाद देश को आजादी मिली। छह साल के बाद टीम ने पहले मेजर टूर्नामेंट- यूरो 1996 में हिस्सा लिया। इसमें क्वार्टरफाइनल में क्रोएशिया को जर्मनी के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। यूरो 1996 की सफलता उस युग की शुरुआत थी, जिसे 'स्वर्णिम पीढ़ी' के नाम से जाना गया। 

आगे चलकर फ्रांस में हुए 1998 विश्व कप में क्रोएशिया तीसरे स्थान पर रहा। यह पुर्तगाल द्वारा 1966 में तीसरे स्थान पर रहने के बाद किसी भी देश द्वारा सर्वश्रेष्ठ विश्व कप डेब्यू रहा। क्रोएशिया के लिए एक और बड़ी उपलब्धि यह रही कि उसके स्टार डेवोर सुकेर को टूर्नामेंट में 6 गोल करने के लिए गोल्डन बूट के खिताब से नवाजा गया।

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रूस में फिर हासिल की उपलब्धि

croatia
क्रोएशिया की टीम इसके बाद 2002, 2006 और 2014 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने में कामयाब हुई, लेकिन ग्रुप चरण के आगे नहीं बढ़ सकी। यूरोपियन चैंपियनशिप्स में 2008 में क्वार्टरफाइनल जबकि 2016 में राउंड ऑफ 16 तक ही क्रोएशिया पहुंच सकी। 

मौजूदा विश्व कप में क्रोएशिया की एक और स्वर्णिम पीढ़ी का उदय हुआ, जिसमें लुका मोड्रिक, इवान राकिटिच और मारियो मैंडजुकिच जैसे स्टार खिलाड़ी शामिल रहे। इन्होने अपने प्रदर्शन से छोटे से देश को बड़ी खुशी मनाने का मौका दिया।

क्रोएशिया के लिए उम्र कोई मायने नहीं रखती

क्रोएशिया के लिए मौजूदा विश्व कप में सबसे अच्छी बात यह रही कि उसके खिलाड़ी ऊर्जावान दिखे जबकि टीम में औसत उम्र 30 है। क्रोएशिया के सात खिलाड़ी मोड्रिक, राकिटिच, इवान स्त्रिनिच, कोर्लुका वेद्रान, निकोला कालिनिच, मारियो मैंडजुकिच, डानिजेल सुबासिच की उम्र 30 के पार है। मगर सेमीफाइनल में क्रोएशिया ने करीब 26 औसत उम्र वाली इंग्लैंड को हराकर अपनी फिटनेस स्तर का परिचय दिया।

अन्य खेलों में भी साबित की बादशाहत

गोरान इवानिसेविच
क्रोएशिया ने 1991 में युगोस्लाविया से आजादी मिलने के बाद अन्य खेलों में भी अपनी बादशाहत सबी की। चलिए गौर करते हैं:

ग्रैंडस्लैम सफलता, डेविस कप खिताब - क्रोएशिया ने फुटबॉल से ज्यादा बेहतर प्रदर्शन टेनिस में किया है। 2005 में क्रोएशिया ने डेविस कप खिताब जीता, जिसमें 160 देशों ने हिस्सा लिया था और इसे टेनिस का विश्व कप की तरह माना जा रहा था। फिर 2016 में वह रनर्स-अप रहा। 

गोरान इवानिसेविच क्रोएशिया के पहले दिग्गज टेनिस स्टार हैं, जिन्होंने 2001 में विंबलडन का खिताब जीता। पुरुष सिंगल्स के लिए गोरान को वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली थी। इवा मजोली क्रोएशिया के लिए पहली ग्रैंडस्लैम सफलता लेकर आईं। उन्होंने 1997 फ्रेंच ओपन के महिला सिंगल्स के फाइनल में स्विट्जरलैंड की मार्टिना हिंगिस को मात देकर खिताब जीता। 

मौजूदा समय में मरीन सिलिच क्रोएशिया के टेनिस स्टार बने हुए हैं। उन्होंने 2014 यूएस ओपन में पुरुष सिंगल्स का खिताब जीता।वहीं डबल्स में मेट पेविच सबसे चर्चित टेनिस खिलाड़ी हैं। उन्होंने पुरुष डबल्स के तीन खिताब जीते हैं। वह क्रोएशिया के पहले टेनिस खिलाड़ी हैं, जो एटीपी रैंकिंग में नंबर-1 बने।
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ओलंपिक में सफलता

क्रोएशिया वाटर पोलो टीम
युगोस्लाविया से 1991 में आजादी की घोषणा के बाद क्रोएशिया ने सात ओलंपिक एडिशन में 11 गोल्ड, 10 सिल्वर और 12 ब्रोंज मेडल जीते हैं। टेनिस, हैंडबॉल और वाटर पोलो के अलावा क्रोएशिया के खिलाड़ियों ने भारत्तोलन, एथलेटिक्स, निशानेबाजी और रोइंग में भी बढ़िया प्रदर्शन किया। क्रोएशिया समर ओलंपिक गेम्स की ऑल टाइम मैडल टेबल में 49वें स्थान पर काबिज है।

वाटर पोलो के राजा - क्रोएशिया की वाटर पोलो में जबरदस्त पकड़ है। उसकी टीम ने 2012 लंदन ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता जबकि 1996 एटलांटा और 2016 रियो ओलंपिक्स में सिल्वर मेडल जीता। क्रोएशिया ने 2002 और 2017 वर्ल्ड चैंपियनशिप्स जीती और यूरोपियन चैंपियनशिप्स, वर्ल्ड कप व वर्ल्ड लीग में कई मेडल जीते।

हैंडबॉल में भी नहीं कोई सानी - क्रोएशिया की पुरुष टीम ने शानदार शुरुआत करते 1996 एटलांटा ओलंपिक्स में गोल्ड मेडल जीता। स्वतंत्र देश के रूप में क्रोएशिया ओलंपिक्स में दूसरी बार शामिल हुआ था। टीम में गुटबाजी के कारण खराब तैयारी होने के बावजूद क्रोएशिया ने गोल्ड मेडल जीता।

युगोस्लाविया से हैंडबॉल की परंपरा लेने वाले क्रोएशिया ने 2003 में वर्ल्ड चैंपियनशिप्स जीतने के बाद 2004 ओलंपिक्स में फिर गोल्ड जीता। इसके अलावा ओलंपिक्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप्स, यूरोपियन चैंपियनशिप्स और मेडिटरेनीयन गेम्स भी कई पदक क्रोएशिया ने जीते।
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