इंग्लैंड के पूर्व स्टार क्रिकेटर केविन पीटरसन ने अश्वेत फुटबॉलरों के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार की निंदा की और सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में क्या उनके देश को 2030 फीफा विश्व कप की मेजबानी का अधिकार मिलना चाहिए। पीटरसन से ट्वीट किया, 'कल (रविवार) रात मैं डायलन के साथ अपनी कार से घर आ रहा था तो स्थिति पूरी तरह से भयानक थी। 2021 में ऐसा व्यवहार ?? हमें इतनी खुशी देने वाले खिलाडियों के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल ??' उन्होंने कहा, 'क्या हम वास्तव में 2030 विश्व कप (मेजबानी) के लायक हैं?'
पीटरसन ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, 'ब्रिटेन में मीडिया शायद दुनिया में सबसे शक्तिशाली है। यह उनकी जिम्मेदारी होनी चाहिए कि सोशल मीडिया कंपनियों को हर उस व्यक्ति का सत्यापन करने के लिए मजबूर किया जाए जिसका उस पर खाता (जो सोशल मीडिया पर मौजूद) है।' उन्होंने कहा, 'कोई रोबोट या कोई नकली खाता नहीं होना चाहिए। सभी के लिए जवाबदेही होनी चाहिए। यह समाज को नष्ट कर रहा है।'
ट्विटर ने की बड़ी कार्रवाई, हटाए 1000 से अधिक ट्वीट
इंग्लैंड के फुटबॉल खिलाड़ियों पर नस्लीय दुर्व्यवहार के बाद ट्विटर ने बड़ी कार्रवाई की है। ट्विटर ने 1000 से अधिक ट्वीट को हटा दिए हैं। इसके साथ ही कई अकाउंट्स को स्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इस बात की जानकारी ट्विटर के प्रवक्ता ने सोमवार को दी।
ब्रिटेन की पुलिस ने इटली के खिलाफ यूरोपीय फुटबॉल चैंपियनशिप के फाइनल में इंग्लैंड की हार के दौरान पेनल्टी पर गोल करने से चूकने वाले तीन अश्वेत खिलाड़ियों (मार्कस रशफोर्ड, बुकायो साका और जेडन सांचो) के प्रति नस्लीय दुर्व्यवहार की जांच शुरू कर दी है। एफए ने कहा, 'हम प्रभावित खिलाड़ियों के समर्थन के लिए वह सब कुछ करेंगे जो कर सकते हैं। साथ ही इसके लिए जिम्मेदार लोगों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की अपील करते हैं।' संघ ने कहा, 'खेल से भेदभाव को बाहर करने के लिए हम हर संभव प्रयास जारी रखेंगे लेकिन हम सरकार से विनती करते हैं कि वे जल्द से जल्द कार्रवाई करे और इस दुर्व्यवहार के खिलाफ उचित कानून बनाएं।' जिन तीन खिलाड़ियों को लक्ष्य बनाया गया वे इंग्लैंड की युवा टीम का हिस्सा हैं जिसकी उसकी विविधता के लिए सराहना होती है। रविवार के मैच के बाद दक्षिण मैनचेस्टर के एक कैफे की दीवार पर बनी रशफोर्ड की तस्वीर को भी बिगाड़ा गया। ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस ने कहा कि वे नस्ली रूप से प्रभावित नुकसान की जांच कर रहे हैं जो घटना सुबह दो बजकर 50 मिनट पर हुई। मैनचेस्टर पुलिस के मुख्य निरीक्षक पॉल सेविल से कहा, 'यह अपमानजनक बर्ताव है और इसे बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'