मध्यपंक्ति को रहना होगा चौकस
एक मजबूत टीम के खिलाफ मध्यपंक्ति में थापा और प्रणॉय हल्धर को अच्छा खेल दिखाना होगा। भारत को रक्षापंक्ति में भी काफी सावधान रहना होगा क्योंकि 2015 में एशिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए अहमद खलील और अली मबखाउत जैसे खिलाड़ी उनके लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। ये खिलाड़ी गोल करने में माहिर हैं। मबखाउत को यूएई के लिए सबसे अधिक गोल करने वाला खिलाड़ी बनने के लिए सात गोल की जरूरत है। ऐसे में संदेश झिंगन और अनस इदाथोदिका को बैकलाइन में काफी सतर्क रहना होगा।
आठ साल बाद
आठ साल भारत की टक्कर यूएई से होगी। इससे पहले दोनों 2011 में फीफा विश्व कप क्वालिफायर में भिड़े थे। इन दो मुकाबलों में से एक ड्रॉ रहा था एक में भारत को हार मिली थी।
भारतीय कोच स्टीफन कोंस्टेनटाइन ने कहा, 'हमारी टीम काफी युवा है और इस कारण वह काफी रोमांचित है। मेजबान टीम के साथ होने वाला मैच काफी अलग होगा क्योंकि वह काफी मजबूत है। मेरे खिलाड़ियों के लिए यूएई उनकी राह में खड़ी सिर्फ दूसरी टीम है।'
यूएई के कोच जाचेरोनी ने कहा, 'हमारे खिलाड़ी पहले मैच में अपनी संघर्षशक्ति नहीं दिखा सके थे। हम भारत के खिलाफ यह गलती नहीं करेंगे। हम बदली हुई मानसिकता के साथ मैदान पर उतरेंगे।'