दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव के कारण खेल संबंध अवरूद्ध हैं। श्रीवास्तव ने कहा ,‘ भारतीय राष्ट्रीय टीम का यहां स्वागत करना गर्व की बात है। यह ऐतिहासिक मौका है कि भारतीय टीम इतने लंबे समय बाद पाकिस्तान आई है। हम टीम को शुभकामना देते हैं।’
भारतीय उच्चायोग ने यहां 60 साल में पहली बार आई भारतीय डेविस कप टीम का स्वागत किया। भारतीय टेनिस टीम पाकिस्तान से डेविस कप मुकाबला खेलने आई है। पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त गीतिका श्रीवास्तव ने भारतीय खिलाड़ियों और अधिकारियों का स्वागत किया। पिछली बार भारतीय डेविस कप टीम 1964 में पाकिस्तान आई थी।
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दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव के कारण खेल संबंध अवरूद्ध हैं। श्रीवास्तव ने कहा ,‘ भारतीय राष्ट्रीय टीम का यहां स्वागत करना गर्व की बात है। यह ऐतिहासिक मौका है कि भारतीय टीम इतने लंबे समय बाद पाकिस्तान आई है। हम टीम को शुभकामना देते हैं।’
उच्चायोग के अधिकारियों ने खिलाड़ियों से बातचीत की और खेल के बारे में सवाल भी पूछे। भारत और पाकिस्तान 3 और 4 फरवरी को डेविस कप विश्व ग्रुप वन मुकाबला खेलेंगे। विजेता ग्रुप वन में ही रहेगा जबकि हारने वाली टीम ग्रुप टू में खिसक जाएगी। भारत डेविस कप के इतिहास में कभी पाकिस्तान से हारा नहीं है।
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पाकिस्तान टेनिस महासंघ (पीटीएफ) को इससे पहले कभी खैबर पख्नूनवा और ब्लूचिस्तान जैसे इलाकों से डेविस कप मैचों के लिए पास का आग्रह नहीं आया था। बावजूद इसके भारत और पाकिस्तान के बीच यहां स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में 3-4 फरवरी को होने वाले टेनिस मैचों को लेकर इस्लामाबाद कोई ज्यादा प्रचार नहीं करना चाहता।
इस शहर में एक पोस्टर नहीं है जिससे यह झलके कि 60 साल बाद भारतीय टेनिस टीम पाकिस्तान का दौरा कर रही है। स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में स्थानीय मीडिया को भी अनुमति नहीं है। पीटीएफ को लगता है कि भारतीय टीम के दौरान से पाकिस्तान में खेलों का विकास होगा लेकिन मुकाबले को लेकर प्रचार की कमी दिखती है।
आमतौर पर किसी भी भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर जो उत्साह नजर आता है, वो नहीं दिख रहा सुरक्षा का यह आलम है कि भारतीय खिलाड़ी कहीं घूमने नहीं जा सकते। उन्हें स्टेडियम से होटल तक ही सीमित रहना पड़ रहा है। हालांकि खिलाड़ियों ने मरगाला हिल का दौरा जरूर किया है।