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CWG 2022: बचपन में बांस और पाइप से की वेटलिफ्टिंग, पिता रहे नेशनल मुक्केबाज पर जेरेमी को भारोत्तोलन का जूनून

Mon, 01 Aug 2022 10:33 AM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम

सार

उन्नीस साल के जेरेमी का 2011 में आर्मी ब्वायज सेंटर पुणे में चयन हो गया और वह पुणे चले गए। यहां से उनकी जिंदगी बदल गई। 2016 में उन्होंने विश्व जूनियर चैंपियनशिप में रजत जीता। 2017 में उनके भाई की शादी हुई, लेकिन वह घर नहीं जा सके।
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जेरेमी लालरिनुंगा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मिजोरम के आईजोल में रहने वाले जेरमी इस पदक को खास मानते हैं। उनके पिता लालनेथुलंगा राष्ट्रीय मुक्केबाजी में दो पदक जीत चुके हैं। बचपन में जेरेमी मुक्केबाजी ही करते थे लेकिन बाद में वेटलिफ्टिंग ने आकर्षित किया, जिसके चलते पिता ने जेरमी को स्थानीय वेटलिफ्टिंग सेंटर में डाल दिया। जेरमी शुरुआत में बांस और पाइप से वेटलिफ्टिंग की प्रैक्टिस करते थे।
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आठ साल की उम्र में छोड़ दिया था घर
उन्नीस साल के जेरेमी का 2011 में आर्मी ब्वायज सेंटर पुणे में चयन हो गया और वह पुणे चले गए। यहां से उनकी जिंदगी बदल गई। 2016 में उन्होंने विश्व जूनियर चैंपियनशिप में रजत जीता। 2017 में उनके भाई की शादी हुई, लेकिन वह घर नहीं जा सके। उन्हें मां के हाथ का खाना बेहद पसंद है, लेकिन उन्होंने वेटलिफ्टिंग के लिए एनआईएस पटियाला में उत्तर भारत के खाने को अपना लिया। पिछले पांच वर्षों से उन्होंने परिवार के साथ क्रिसमस नहीं मनाया।
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जेरेमी की खास उपलब्धियां
2016 :
विश्व जूनियर चैंपियनशिप में रजत
2018 : यूथ ओलंपिक में स्वर्णिम जीत
2018 : जूनियर एशियन चैंपियनशिप में कांस्य
2021 : राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप


 
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