एनआईएस पटियाला में इस वक्त पेरिस ओलंपिक की तैयारियों के लिए वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और महिला पहलवानों के शिविर चल रहे हैं। संस्थान में पुरुष और महिला खिलाडिय़ों के अलग-अलग हॉस्टल हैं।
राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता वेटलिफ्टर को लड़कियों के हॉस्टल में घुसने पर पेरिस ओलंपिक की तैयारियों के शिविर से निकाल दिया गया। एनआईएस पटियाला में बृहस्पतिवार रात को घटी घटना मेें इस वेटलिफ्टर को हॉस्टल के अंदर सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ लिया। हड़कंप मचने पर मामले की सूचना संस्थान के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक के साथ दिल्ली स्थित साई हेडक्वार्टर और भारतीय वेटलिफ्टिंग महासंघ को दी गई। मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए वेटलिफ्टर को तत्काल शिविर से निकालते हुए शुक्रवार को घर वापस भेज दिया गया।
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सुरक्षा कर्मियों ने बनाया वीडियो
एनआईएस पटियाला में इस वक्त पेरिस ओलंपिक की तैयारियों के लिए वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और महिला पहलवानों के शिविर चल रहे हैं। संस्थान में पुरुष और महिला खिलाडिय़ों के अलग-अलग हॉस्टल हैं। महिलाओं के हॉस्टल में पुरुष खिलाडिय़ों का प्रवेश वर्जित है। गेम्स रिकॉर्ड के साथ राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाला खिलाड़ी बृहस्पतिवार की रात पीटी उषा गल्र्स हॉस्टल में घुसा तो उसे सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ लिया और वीडियो बना लिया।
वेटलिफ्टिंग महासंघ ने की कार्रवाई
भारतीय वेटलिफ्टिंग महासंघ के अध्यक्ष सहदेव यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि इस तरह की अनुशासनहीनता बरदाश्त नहीं की जाएगी, इसी लिए खिलाड़ी को शिविर से निष्कासित किया गया है। यह पहला मामला नहीं है जब महासंघ ने किसी नामी वेटलिफ्टर को अनुशासनहीनता पर शिविर से बाहर किया है। इससे पहले भी एक अन्य राष्ट्रमंडल खेल विजेता लिफ्टर को अनुशासनहीनता के आधार पर शिविर से बाहर किया जा चुका है।
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पेरिस की दौड़ में मीरा, बिंदिया ही बचे
वेटलिफ्टर पर कार्रवाई से पेरिस ओलंपिक में वेटलिफ्टरों के क्वालिफिकेशन पर भी असर पड़ा है। अब पुरुषों में कोई भी भारतीय वेटलिफ्टर पेरिस ओलंपिक में नहीं खेल पाएगा। इस माह के अंत में थाईलैंड में होने वाले विश्वकप में सिर्फ मीराबाई चानू और बिंदिया रानी ही खेल पाएंगे और यही दोनों लिफ्टर पेरिस ओलंपिक में खेलने की दौड़ में बने रहेंगे।