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CWG: नौसेना में रहकर देश की सेवा करते हैं स्वर्ण जीतने वाले एल्डोस पॉल, द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच ने बनाया एथलीट

Sun, 07 Aug 2022 07:46 PM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम

सार

एल्डोस पॉल के साथ-साथ उनके केरल के साथी अब्दुल्ला अबूबाकर ने भी कमाल दिखाया। उन्होंने रजत पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया। अबूबाकर की बात करें तो वह 17.02 मीटर के प्रयास के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
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एल्डोस पॉल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों में रविवार (सात अगस्त) का दिन ऐतिहासिक रहा। पुरुषों के ट्रिपल जंप में एल्डोस पॉल ने इतिहास रच दिया। एल्डोस राष्ट्रमंडल खेलों के ट्रिपल जंप में भारत के लिए स्वर्ण जीतने वाले पहले एथलीट हैं। उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में 17.03 मीटर की सर्वश्रेष्ठ दूरी तय की। केरल के एर्नाकुलम के रहने वाले एल्डोस भारतीय नौसेना के जवान हैं।
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एल्डोस ने कोठामंगलम के मार अथानासियस कॉलेज में पढ़ाई के दौरान अपनी पहचान बनाई थी। एल्डोस को एथलीट बनाने में द्रोणाचार्य अवॉर्ड जीत चुके कोच टीपी ओसेफ का बड़ा योगदान है। वह घरेलू प्रतियोगिताओं में सर्विसेज की टीम की ओर से खेलते हैं। उनके प्रशिक्षण की बात करें तो वह भारतीय खेल प्राधिकरण (साई), बेंगलुरु में एम हरिकृष्णन के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग करते हैं।



एल्डोस पॉल के साथ-साथ उनके केरल के साथी अब्दुल्ला अबूबाकर ने भी कमाल दिखाया। उन्होंने रजत पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया। अबूबाकर की बात करें तो वह 17.02 मीटर के प्रयास के साथ दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में यह दूरी तय की।

भारत को कांस्य पदक भी मिल जाता, लेकिन प्रवीण चित्रावल चौथे स्थान पर रहे। वह तीसरा स्थान हासिल करने वाले बरमूडा के जाह-एनहाल पेरिनचीफ से 0.03 मीटर पीछे रह गए। जाह-एनहाल ने 16.92 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। वहीं, प्रवीण चित्रावल का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 16.89 मीटर रहा।
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राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रदर्शन अगर ट्रिपल जंप में देखें तो यह पहला अवसर है जब देश के दो एथलीट एक साथ पदक जीतने में सफल रहे। मोहिंदर सिंह गिल ने 1970 और 1974 में क्रमश: कांस्य और रजत पदक अपने नाम किया था। वहीं, रंजीत महेश्वरी ने 2010 और अरपिंदर सिंह ने 2014 में कांस्य पदक जीता था।
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