अंतिम क्षणों में बदलनी पड़ी रणनीति
आनन-फानन में विजय को रणनीति बदलनी पड़ी। मीरा को स्नैच में 86 किलो से शुरुआत करानी थी। उन्होंने तुरंत भार घटाकर 83 किलो कर दिया। मीरा ने दर्द के बीच इसे भी उठाया, लेकिन अगले दो प्रयासों में वह 86 किलो नहीं उठा सकीं। विजय कहते हैं कि उन्होंने कभी मीरा को इतने कम वजन से शुरुआत नहीं कराई, लेकिन मीरा कंपटीशन छोडऩे को राजी नहीं थीं। 83 किलो उठाने के बाद भी उन्होंने मीरा से कंपटीशन छोडऩे को कहा, लेकिन वह तैयार नहीं थीं।
चोटिल जांघ भार सहन नहीं कर पाई
क्लीन एंड जर्क में जब उन्होंने पहले प्रयास में 108 किलो वजन उठाया तो उन्होंने भी सोचा कि पदक के लिए प्रयास करते हैं। उन्होंने मीरा को 117 का वजन दिया। अगर वह यह वजन उठा लेतीं तो उनका कांस्य आ जाता, लेकिन मीरा की जांघ इतना भार सहन नहीं कर पाई। तीसरे प्रयास में जब वह गिर पड़ीं तो विजय मीरा को प्लेटफार्म से गोद में उठाकर वार्म एरिया में लाए। मीरा 2018 का एशियाड भी चोट के चलते नहीं खेल पाई थीं।