फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Asian Games: पिता रंधीर के सामने बेटी राजेश्वरी ने जीता पदक, 41 साल पहले दिल्ली एशियाड में हुआ था ऐसा, जानें

Sun, 01 Oct 2023 11:01 PM IST
स्वप्निल शशांक अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

रविवार को जब राजेश्वरी ने पदक जीता तो पिता रंधीर उनके सामने बैठे हुए थे। रंधीर सिंह ने कहा भी कि यह दिन उनके लिए बेहद खास है।
विज्ञापन
रंधीर और राजेश्वरी - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इन एशियाई खेलों में यह दूसरा मौका था जब भारत के किसी पूर्व खिलाड़ी के सामने उसके बच्चे ने पदक जीता। एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) के कार्यकारी अध्यक्ष और 1978 एशियाई खेलों के स्वर्ण, 1982 एशियाई के खेलों के रजत पदक विजेता रंधीर सिंह के लिए तो रविवार का दिन बेहद खास था। उनकी बेटी रिया राजेश्वरी कुमारी ने उन्हीं के सामने ट्रैप टीम स्पर्धा का रजत पदक जीता।
विज्ञापन

रंधीर को उनके पिता ने पहनाया था पदक
यह लम्हा इस वजह से भी खास था, क्यों कि 1982 के दिल्ली एशियाड में जब रंधीर ने टै्रप टीम स्पर्धा का रजत जीता था, तब उनके पिता भालिंदर सिंह एशियााई ओलंपिक परिषद और भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष थे और उन्होंने ही उनके गले में पदक डाला था। रविवार को जब राजेश्वरी ने पदक जीता तो पिता रंधीर उनके सामने बैठे हुए थे। रंधीर सिंह ने कहा भी कि यह दिन उनके लिए बेहद खास है।



उनकी बेटी ने उनके सामने रजत जीता और उन्होंने अपने पिता के सामने 41 साल पहले रजत जीता था। उद्घाटन समारोह के दौरान भी रंधीर चीन का राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ गणमान्यों में बैठे थे और उनकी बेटी भारतीय दल के मार्च पास्ट में शामिल थीं। ठीक ऐसा ही रंधीर के साथ 1982 के एशियाई खेलों में हुआ था।
 
विज्ञापन

परमिंदर ने पिता इंदरपाल के सामने जीता था पदक
इससे पहले इन्हीं एशियाई खेलों में रोइंग में क्वाड्रपुल स्कल में कांस्य जीतने वाले परमिंदर सिंह ने भी अपने पिता इंदरपाल सिंह के सामने पदक जीता था। इंदरपाल ने भी 2002 के बुसान एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। परमिंदर ने जब पदक जीता तो इंदरपाल बतौर कोट टीम के साथ हांगझोऊ में ही मौजूद थे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें