सिंधु ने कहा, ‘मैंने सुना है कि ओलंपिक में प्रत्येक दिन हमारा परीक्षण होगा। खेलने से पहले हमें आरटी-पीसीआर परीक्षण में निगेटिव आना होगा और मैच के बाद दोबारा परीक्षण होगा, निश्चित तौर पर यह मुश्किल काम है।
इस साल की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में साइना नेहवाल और बी साई प्रणीत जैसे शीर्ष खिलाड़ियों को गलत पॉजिटिव नतीजों के कारण हटना पड़ा और सिंधू ने उम्मीद जताई कि ओलंपिक के दौरान ऐसा नहीं होगा।
उन्होंने कहा, ‘यह ओलंपिक है और वहां इतने सारे देशों के इतने सारे खिलाड़ी होंगे लेकिन उन्हें काफी सतर्क भी रहना होगा। एक खिलाड़ी के रूप में हमें तैयारी करनी होगी और उम्मीद करनी होगी कि अगले कुछ महीनों में सब कुछ सही रहेगा।’
दुनिया की सातवें नंबर की खिलाड़ी ने कहा, जब तक आप अपना ख्याल नहीं रखते तब तक यह कभी भी फैल सकता है। इसलिए हालात मुश्किल हैं। इस साल अब तक प्रदर्शन अच्छा रहा है। एक खिलाड़ी के रूप में मैं सुधार कर रही हूं। मेरे कोच ने मेरे खेल का आकलन किया है इसलिए ओलंपिक को लेकर उत्सुक हूं। मेरे पिता ने भी मेरी काफी मदद की है।
‘खिलाड़ियों से पहले हम इंसान हैं और जीवन सबसे महत्वपूर्ण है। अगर टूर्नामेंट होते हैं तो हमें नहीं पता कि हम सुरक्षित होंगे या नहीं, हम सोच सकते हैं कि हम सुरक्षित होंगे लेकिन हम सुनिश्चित नहीं हो सकते क्योंकि हमें नहीं पता कि वायरस कहां से आ जाएगा। ’-पीवी सिंधु
2016 : रियो ओलंपिक में रजत पदक हासिल किया था पीवी सिंधु ने
03 : ओलंपिक क्वालिफायर्स कोरोना के कारण हो चुके हैैं रद्द