अब ऐसा कहा जा रहा है कि पीवी सिंधु इन ब्रांडों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के विकल्प तलाश रही हैं। वह ऐसा कदम इसलिए उठा रही हैं ताकि उनके नाम और छवि का उपयोग मार्केटिंग उद्देश्यों के लिए उचित प्राधिकरण के बिना किया जा सके। बीते कुछ वर्षों में ऐसा देखने में आया है कि कई ब्रांडों ने विपणन के जरिए अपनी सामाजिक उपस्थिति बनाई है। इस दौरान ऐसा कई बार देखा गया कि ब्रांड ट्रेंडिंग में चल रही किसी चीज पर अपने स्वयं के विचार थोपते हैं।
हालांकि जिस तरह से कई ब्रांड द्वारा उनके नाम का उपयोग किया गया है उस पर सिंधु ने आपत्ति जताते हुए कहा, ब्रांडों के पास एक मौका है कि वह इस बारे में अधिक सावधान हो जाएंगे, वह अपनी सामग्री में किसी सार्वजनिक व्यक्तित्व की छवि या नाम का उपयोग कैसे करते हैं। स्पोर्ट्स मार्केटिंग एजेंसी बेसलाइन वेंचर्स के मुताबिक, उनकी अनुमित के बगैर उनका नाम और छवि इस्तेमाल करने वाले ब्रांडों से सिंधु ने पांच करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।
कुल मिलाकर बेसलाइन वेंचर्स नियमों का उल्लंघन करने के लिए करीबी 20 ब्रांडों को अदालत में घीसटने जा रहा है। जिसमें से 15 को कानूनी नोटिस पहले ही भेजे जा चुके हैं। जिन ब्रांडों को पहले ही नोटिस भेजा चा चुका हैं उनमें हैपीडेंट, पान बहार और यूरेका शामिल हैं। इसके अलावा फोर्ब्स, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, वोडाफोन आइडिया, एमजी मोटर, यूको बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, कोटक महिंद्रा बैंक, फिनो पेमेंट्स बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन बैंक और विप्रो लाइटिंग जैसे ब्रांड शामिल हैं जिन्हें कानूनी नोटिस भेजा चा चुका है।