चौथी वरीयता प्राप्त चीन के शि यूकी ने तीसरी वरीयता प्राप्त ताइपे के तियान चेन चो को अपनी तेज स्मैश और नेट पर बढ़िया ड्रॉप के बूते इंडिया ओपन बैडमिंटन पुरुष एकल फाइनल में 21-18, 21-14 से मात देकर खिताब अपने नाम कर लिया है। शि ने साल 2017 में एक भी टाइटल नहीं जीतने के बाद यह पहला खिताब उन्होंने अपने नाम दर्ज किया है। उन्होंने सिरी फोर्ट स्टेडियम के बैडमिंटन कोर्ट पर चो के मुकाबले बेहतर दमखम और चपलता के बूते दमदार अंदाज में फाइनल जीता। चो पहले गेम में ही शि को टक्कर दे पाए। शि ने दूसरे गेम में पूरी तरह अपना दबदबा बनाए रखा।
चो ने दूसरे गेम में नेट पर खासतौर पर चतुराई से ड्रॉप खेलकर वापसी की कोशिश की लेकिन बराबर बेजा गलतियां कर अंक गंवाने के कारण वह शि के खिलाफ टिक नहीं पाए और फाइनल मात्र 47 मिनट में लगातार गेम में हारकर बाहर हो गए। चेन चो शि के खिलाफ पहले गेम के शुरू में 16-14 की बढ़त बना ली। शि ने 17-17 की बराबरी पाई और लगातार तीन अंक जीत कर 20-17 की बढ़त बनाई। चो ने एक गेम प्वाइंट बचाया लेकिन फिर शि के शॉट पर नेट में शटल मार कर पहला गेम 18-21 से 24 मिनट में गंवा बैठे।
शि ने दूसरे गेम में तेज स्मैश से चो को नेट पर आने का कम ही मौका दिया और इसमें बराबर दो अंक की बढ़त बना कर खिताब अपने नाम कर ही दम लिया। जीत के बाद शि यूकी ने कहा, 'मैंने तियान के खेल को आंक कर उसी के मुताबिक रणनीति बनाई और अहम अंक पर मैं बेहतर खेला। मैंने शुरू में बढ़त बना लेने के बाद बराबर नेट पर ज्यादा बेहतर खेल दिखा अंक हासिल किए।’